सिसौली महापंचायत को सफल बनाने लिए किसान संगठनों ने झोंकी ताकत, टिकैत बंधु आंदोलन को लेकर कर सकते हैं बड़ा ऐलान
लखनऊ/मुजफ्फरनगर, 4 सितम्बर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पांच सितम्बर को किसान महापंचायत को लेकर माहौल गरमाने लगा है। यहां देशभर से किसान जुटने शुरू हो गए हैं। किसान संगठनों का दावा है कि किसान महापंचायत में करीब पांच लाख किसान आएंगे लेकिन स्थाानीय लोगों और बीकेयू के सूत्रों की माने तो रैली मैदान में करीब एक लाख किसानों का जमावड़ा हो सकता है। वहीं किसान संगठनों से जुड़े सूत्रों की माने तो कल होने वाली महापंचायत में संगठनों की तरफ से कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
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भारतीय किसान संघ (बीकेयू) के प्रमुख नरेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर के निवासियों से रविवार की किसान महापंचायत के लिए शहर में इकट्ठा होने वाले किसानों के साथ "अतिथि देवो भव" या "मेहमान भगवान की तरह" की पारंपरिक भारतीय भावना के साथ व्यवहार करने का आग्रह किया है। केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ महापंचायत हो रही है।
अतिथि देवो भव की तरह यहां के लोग करें किसानों का स्वागत
नरेश टिकैत ने कहा कि,
"मैं मुजफ्फरनगर के सभी निवासियों से अपील करता हूं कि मुजफ्फरनगर के सरकारी इंटर कॉलेज (जीआईसी) मैदान में रविवार की किसान महापंचायत में भाग लेने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से यहां आने वाले किसानों का स्वागत करने के लिए अतिथि देवो भव की भावना प्रेरक शक्ति होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश में पहले और केंद्र में भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने की रणनीति बनाने के लिए यहां जुटे किसानों का स्वागत करने के लिए रविवार को अपने घरों के दरवाजे खुले रखें।''

वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया जीआईसी मैदान का जायजा
उप महानिरीक्षक (मेरठ अंचल) प्रीतिंदर सिंह ने भी शुक्रवार दोपहर जीआईसी मैदान का दौरा किया और चल रही तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने महापंचायत में भाग लेने वाले किसानों की संभावित संख्या का आकलन करने के लिए बीकेयू नेताओं से भी बात की।
कई राज्यों से किसानों का जत्था पहुंचा मुजफ्फरनगर
मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत में दूरदराज के राज्यों से किसानों का पहुंचना शुरू हो गया है। लखनऊ से करीब 300 किसानों का जत्था मुजफ्फरनगर पहुंच गया है। पंजाब के बरनाला से भी किसान पहुंच गए हैं। अलावा नगर में आसपास के गांव से भी सैकड़ों किसान महापंचायत स्थल पर पहुंच गए है। किसानों के लंगर शुरू हो गए हैं।
कर्नाटक से रैयत संघ की नेता चूकी नजुंडा स्वामी भारतीयों के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह समेत कई किसान नेता भी मुजफ्फरनगर पहुंच गए हैं। भारतीय किसान यूनियन के वॉलंटियरो ने व्यवस्था संभाल लिया है गुरुद्वारों में भी लंगर शुरू हो गए हैं जबकि भारतीय किसान यूनियन ने भी कई स्थानों पर भोजन की व्यवस्था शुरू कर दी है।

सूत्रों के अनुसार मेरठ के सभी क्षेत्रों के पुलिसकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों को 3 सितंबर से मुजफ्फरनगर में मौजूद रहने के लिए कहा गया है। हमने इस आयोजन के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है, जिसकी निगरानी पीएसी, रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और अर्धसैनिक बलों की कई कंपनियों के अलावा आसपास के जिलों के पुलिसकर्मियों द्वारा की जाएगी।" बताया जा रहा है कि रविवार को जीआईसी मैदान में लोगों की भीड़ उमड़ने के लिए किसान संघ जहां कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं वहीं पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दे रहे हैं।

स्थानीय खापों और कई किसान संगठनों को शामिल करने की कोशिश
सभी स्थानीय खापों और किसान संघों के अलावा, सभी गैर-भाजपा दलों ने महापंचायत को अपना समर्थन दिया है। आरएलडी की मुजफ्फरनगर इकाई के प्रमुख प्रभात तोमर ने कहा कि वह 4 से 5 सितंबर तक मुजफ्फरनगर में कम से कम 10,000 किसानों के ठहरने की व्यवस्था करेगा। हम उम्मीद कर रहे हैं कि यूपी, हरियाणा और पंजाब से बड़ी संख्या में असंतुष्ट किसान, जो तीन कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए लड़ रहे हैं और वो लोग मुजफ्फरनगर में इकट्ठा होंगे। हमने यह सुनिश्चित करने के लिए उनकी सेवा करने का फैसला किया है कि उन्हें महापंचायत में भाग लेने के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।












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