'एक स्टेशन एक उत्पाद योजना' में देश के इन राज्यों ने हासिल की शानदार रैंकिंग, देखें पूरी लिस्ट
Indian Railway News: भारतीय रेल स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और इस कार्य में लगे शिल्पकारों, बुनकरों, कारीगरों, कुम्हारों आदि को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिये 'एक स्टेशन एक उत्पाद' योजना चला रहा है, इसके तहत व्यक्ति अपने उत्पाद को रेलवे स्टेशनों पर बेच सकता है। देश के विभिन्न स्टेशनों पर इस योजना के लागू होने से रेल यात्रियों को स्टेशन पर ही उस क्षेत्र के उत्पाद उपलब्ध हो रहे हैं। जिसको लेकर रेल यात्रियों, शिल्पकारों, बुनकरों, कारीगरों, कुम्हारों आदि में काफी उत्साह स्टेशनों पर देखा जा रहा है।
भारतीय रेल द्वारा शुरू की गयी योजना 'एक स्टेशन एक उत्पाद' (ओ.एस.ओ.पी.) में सबसे आगे दो राज्य हैं, जहां पर 146-146 आउटलेट में उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है, इसमें तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल हैं। पूरे देश में 09 नवम्बर, 2023 तक कुल 1037 स्टेशनों पर 1134 ओ.एस.ओ.पी. आउटलेट चालू हैं। इस योजना का उद्देश्य (रेलवे स्टेशनों पर बिक्री आउटलेट के प्रावधान के माध्यम से स्थानीय कारीगरों, कुम्हारों, बुनकरों/हथकरघा बुनकरों, शिल्पकारों आदि को कौशल विकास के माध्यम से बढ़ी हुई आजीविका के अवसर प्रदान करना है।

पूर्वाेत्तर रेलवे के 21 स्टेशनों पर भी स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए 'एक स्टेशन, एक उत्पाद' योजना चलाई जा रही है, जिससे स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों, कुम्हारों, बुनकरों एवं अन्य लघु उद्यमियों को बेहतर जीविकोपार्जन एवं स्तरोन्नयन हेतु स्टेशनों के प्लेटफार्म पर स्थानीय उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री हेतु स्थान निर्धारित कर स्टॉल उपलब्ध कराया गया है।
इस योजना के अन्तर्गत भारतीय रेल स्वदेशी/स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित करने, बेचने और उच्च दृश्यता देने के लिए एन.आई.डी./अहमदाबाद द्वारा विकसित डिजाइन के अनुसार स्टेशनों पर आउटलेट प्रदान किया जा रहा है।
'एक स्टेशन, एक उत्पाद' योजना के अन्तर्गत पूर्वाेत्तर रेलवे के कुल 21 स्टेशनों पर स्टाल लगाये गये हैं। लखनऊ मण्डल के 09 स्टेशनों - गोरखपुर जं., लखनऊ जं., बादशाहनगर, गोंडा, लखीमपुर, सिद्धार्थ नगर, नौतनवा, आनन्दनगर एवं सीतापुर स्टेशनों पर स्टाल लगाये गये हैं। गोरखपुर जं. स्टेशन पर विश्व प्रसिद्ध हस्तशिल्प टेराकोटा तथा केला फाइबर के उत्पादों का स्टॉल लगाया गया है। लखनऊ जं. स्टेशन पर लखनऊ का प्रसिद्ध चिकन जरी जरदोजी वस्त्र तथा लखनऊ नगर के ही बादशाहनगर स्टेशन पर चिकन जरी जरदोजी वस्त्र के साथ-साथ कृषि हर्बल उत्पादों का स्टॉल लगाया गया है। गोण्डा जं. स्टेशन पर कृषि उत्पाद के अंतर्गत दाल तथा श्री अन्न मक्का से बने उत्पाद, लखीमपुर स्टेशन पर जनजातीय शिल्प तथा गुड़ के उत्पादों, सिद्धार्थनगर स्टेशन पर अपने अनुपम स्वाद एवं सुगन्ध के लिए मशहूर कृषि उत्पाद काला नमक चावल, नौतनवा स्टेशन पर वहाँ का प्रसिद्ध सिरका के उत्पादों, आनन्दनगर स्टेशन पर नक्काशीदार लकड़ी के फर्नीचर, काला नमक चावल तथा विश्व प्रसिद्ध टेराकोटा तथा सीतापुर स्टेशन पर हैण्डलूम उत्पाद दरी का स्टाल लगाया गया है।
इज्जतनगर मण्डल के 05 स्टेशनों- बरेली सिटी, हल्द्वानी, कासगंज, काशीपुर एवं काठगोदाम स्टेशनों पर स्टाल लगाये गये है, जिसमें से बरेली सिटी स्टेशन पर जैम, जेली, अचार और सॉस जैसे स्थानीय उत्पादों का स्टाल लगाया गया है, जो रेल यात्रियों को बरबश ही अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। हल्द्वानी स्टेशन पर जूट के बैग, आइपैन तथा स्थानीय मनोरम दृश्य बिक्री हेतु रखा गया है। कासगंज स्टेशन पर यहाँ का मशहूर पेठा, नमकीन, गजक तथा मिठाई के पैक्ड उत्पाद, काशीपुर रेलवे स्टेशन पर खादी और ग्रामोद्योग उत्पाद तथा काठगोदाम स्टेशन पर मशहूर स्थानीय हथकरघा एवं जूट बैग का स्टाल लगाया गया है।
वाराणसी मण्डल के 07 स्टेशनों- बनारस, वाराणसी सिटी, बलिया, मऊ, छपरा कचहरी, छपरा, थावे स्टेशनों पर स्टाल लगाये गये हैं, जिसमें से बनारस स्टेशन पर आजमगढ़ की मशहूर ब्लैक पॉटरी तथा लकड़ी के खिलौनों का स्टाल लगाया गया है। वाराणसी सिटी रेलवे स्टेशन पर पापड़ एवं अचार, बलिया स्टेशन पर जूट के उत्पादों, मऊ स्टेशन पर हैण्डलूम द्वारा निर्मित साड़ियों का स्टाल लगाया गया है। छपरा कचहरी स्टेशन पर वहाँ का प्रसिद्ध विभिन्न प्रकार के सत्तू का स्टाल, छपरा स्टेशन पर बाँस के उत्पाद तथा थावे स्टेशन पर वहाँ का प्रसिद्ध पडुकिया मिठाई का स्टाल लगाया गया है।












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