हिजाब पर आए कर्नाटक HC के फैसले पर छलका मुनव्वर राणा की बेटी सुमैया का दर्द, बोलीं- 'हमारी बेबसी देखो..'
हिजाब पर आए कर्नाटक HC के फैसले पर छलका सुमैया का दर्द, बोलीं- 'हमारी बेबसी देखो..'
लखनऊ, 15 मार्च: हिजाब विवाद को लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार (15 मार्च) को फैसला सुनाया है। इस फैसले के तहत स्कूल-कॉलेज में हिजाब पहनने की इजाजत मांगने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया गया है। याचिकाओं को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि हिजाब पहनना इस्लाम की अनिवार्य प्रथा का हिस्सा नहीं है। तो वहीं, अब शायर मुनव्वर राणा की बेटी सुमैया राणा ने हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सवाल उठाया है।

सुमैया राणा ने कहा कि कर्नाटक हाईकोर्ट की यह बात सुनमें थोड़ी अजीब लग रही है कि हिजाब इस्लाम का हिस्सा नहीं है। आजतक से बातचीत में उन्होंने कहा, एक धर्म विशेष को पिछले कुछ दिनों से टारगेट किया जा रहा है। मैं अपने पिता की पंक्तियों के जरिए अपने दर्द को बयां करना चाहूंगी। उन्होंने कहा,
हमारी बेबसी देखो उन्हें हमदर्द कहते हैं, जो उर्दू बोलने वालों को दहशतगर्द कहते हैं। मदीने तक में हमने मुल्क की दुआ मांगी, किसी से पूछ ले इसको वतन का दर्द कहते हैं।
सुमैया राणा ने कुरान की आयत नंबर 33 पढ़कर बताया कि अल्लाह की तरफ से कहा गया है कि बेटियां जब घर से निकले तो खुदको ढंक कर निकले, यह कुरान कह रहा है। इस्लाम में हालांकि, किसी पर जोर जबरदस्ती नहीं है। सुमैया ने कहा कि मुझे लगता है कि कोर्ट को अपने फैसले पर फिर से सोचना चाहिए। हमें दूसरा ऑप्शन खोजना चाहिए, अगर कॉलेज में एक ही यूनिफॉर्म है।
फैसला मौलिक अधिकारों का उल्लंघन- ओवैसी
इससे पहले हैदराबाद के सांसद और एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने हिजाब विवाद पर कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। ओवैसी ने कहा कि 'फैसला (हिजाब विवाद पर) धर्म, संस्कृति, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और आर्टिकल-15 के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। इससे मुस्लिम महिलाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, उन्हें टारगेट किया जाएगा। आधुनिकता का मतलब धार्मिक प्रथाओं को रोकना नहीं है। कोई हिजाब पहनती है तो इसमें दिक्कत क्या है।'












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