कोरोना को हल्के में लेने वाले पढ़ें इस मरीज की कहानी, 130 दिनों तक आंखों के सामने नाचते देखी मौत!

नई दिल्ली, 16 सितंबर। कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ दुनिया की जंग आज भी जारी है। देश में भले ही कोविड की दूसरी लहर थम गई है लेकिन तीसरी लहर का खतरा लगातार मंडरा रहा है। कोविड-19 की सेकेंड वेव ने जो तबाही मचाई उसे हम सभी ने देखा, लेकिन कुछ लोग ऐसे थे जो अस्पताल में वायरस से जूझते हुए अपने सामने सैकड़ों मौत देख रहे थे। उत्तर प्रदेश के विश्वास सैनी भी उन्हीं में से एक हैं जिन्होंने 4 महीने से अधिक समय अस्पताल में गुजारा और अपनी आंखों के सामने कई मौतें देखीं।

अस्पताल में काटे 4 महीने

अस्पताल में काटे 4 महीने

कोरोना वायरस से 130 दिनों तक लड़ने के बाद आखिरकार विश्वास सैनी ने महामारी पर जीत हासिल कर ली है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक विश्वास सैनी ने अस्पताल में रहने के दौरान अपने खौफनाक अनुभव को शेयर किया। मेरठ के एक अस्पताल में 4 महीने से भी अधिक समय तक भर्ती रहने वाले सैनी ने अपने आस-पास के बेड पर मरीजों को मरते हुए देखा है।

डॉक्टरों ने दी कोरोना से लड़ाई की प्रेरणा

डॉक्टरों ने दी कोरोना से लड़ाई की प्रेरणा

विश्वास सैनी ने बताया कि इन सभी महीनों में वह अपने परिवार वालों से दूर रहे। डॉक्टरों ने उन्हें कोविड -19 से सफलतापूर्वक लड़ने के लिए प्रेरित किया, लेकिन वह आस-पास के लोगों को मरते हुए देखते रहे। हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद सैनी के चेहरे पर अभी भी कई तरह के निशान दिखाई दे रहे हैं, जो संभवत: ऑक्सीजन मास्क और अन्य उपचार उपकरणों के कारण बन गए हैं।

130 दिनों बाद घर वापस लौटा कोविड मरीज

130 दिनों बाद घर वापस लौटा कोविड मरीज

130 दिनों बाद घर लौटे विस्वास का इलाज करने वाले डॉक्टर एमसी सैनी के मुताबिक 28 अप्रैल को विस्वास सैनी में कोरोना संक्रमण का पता चला था। शुरुआत में तो उन्हें घर पर ही आइसोलेट रहने को कहा गया, बाद में उनकी हालत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। सैनी को एक महीने तक वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। डॉ एमसी सैनी ने बताया कि मरीज (विस्वास सैनी) की कंडीशन ठीक होने के बाद उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट से हटाकर ऑक्सीजन पर रखा गया।

अस्पताल में लोगों को मरते देखा

अस्पताल में लोगों को मरते देखा

डॉ एमसी सैनी ने कहा, डिस्चार्ज होने के बाद भी उन्हें रोजाना कुछ घंटों के लिए ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत होती है। उनकी हालत एक समय में इतनी खराब थी कि हम उनको लेकर पॉजिटिव रिजल्ट की उम्मीद नहीं कर रहे थे। हालांकि, महीनों के संघर्ष के बाद सैनी घर लौटने में सफल रहे हैं। घर पर अपने बच्चों के साथ ऑक्सीजन सपोर्ट पर बैठे सैनी ने कहा, इतने लंबे समय के बाद अपने परिवार के साथ घर वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है। जब मैंने अस्पताल में लोगों को मरते देखा, तो मैं चिंतित हो गया, लेकिन मेरे डॉक्टर ने मुझे प्रेरित किया और मुझे खुद के ठीक होने पर ध्यान देने के लिए कहा।

चिंताजनक सर्वे आया सामने

चिंताजनक सर्वे आया सामने

हाल ही में अपोलो हॉस्पिटल्स द्वारा हाल ही में किए गए एक सर्वे में पाया गया है कि भारत में दूसरी लहर के बाद लंबे समय तक कोरोना के मामलों और पोस्ट-कोविड जटिलताओं की संख्या पिछले साल की तुलना में चार गुना बढ़ गई है। तीसरी लहर को लेकर विशेषज्ञों ने पहले ही चेतावनी दे दी है, इस बीच केंद्र और राज्य सरकारें इस बात को सुनिश्चित कर रही हैं कि अगर तीसरी लहर आती भी है तो हालात कोरोना की दूसरी लहर जितने भयावग ना हो।

यह भी पढ़ें: निकी मिनाज का दावा कोरोना वैक्सीन से आदमी नपुंसक हो जाते हैं, डॉक्टर एंथनी फाउची ने लगाई क्लास

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+