सीएम योगी की हिंदू युवा वाहिनी का क्रेज बढ़ा, रोज 5000 आवेदन
योगी के सीएम बनने से पहले जहां एक महीने में 500 से 1,000 आवेदन आते थे अब उनकी बढ़कर रोजाना 5,000 हो गई है।
गोरखपुर। 18 मार्च 2017 को जब आदित्यनाथ योगी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। उसके बाद से योगी के संगठन हिन्दू युवा वाहिनी की सदस्यता में काफी तेजी आई है। साल 2002 में स्थापित किए गए संगठन में हर रोज 5,000 से ज्यादा सदस्यता के आवेदन आ रहे हैं।
प्रदेश के गोरखपुर स्थित कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि पहले पूरे महीने में 500 से 1,000 लोगों के आवेदन आते थे। बता दें कि खुद को सामाजिक संगठन बताने वाले हिन्दू युवा वाहिनी में अभी तक लोगों के आवेदन से जुड़े कोई नियम नहीं थे।

ये है नया आदेश
हालांकि अब नए आदेश के मुताबिक अगर किसी ने आवेदन किया है तो उसे 1 साल के परीक्षण से गुजरना पड़ेगा। वाहिनी के राज्य इन-चार्ज पीके मल्ल ने कहा कि अब आवेदकों का 1 वर्षीय परीक्षण होगा। जिसमें उनका राजनीतिक करियर और पृष्ठभूमि की जांच की जाएगी। नए लोगों को सदस्यता ग्रहण कराने संबंधी नए नियम से जुड़ा सर्कुलर सभी जिला इकाइयों पर भेज दिया गया है। इसमें इस विषय में सचेत रहने के लिए भी कहा गया है कि किसी भी नए शख्स को पार्टी मेंबर बनाते समय काफी सावधान रहा जाए। इस संगठन में एक भी महिला सदस्य नहीं है।

पहले लगता था 11 रुपए का शुल्क
बता दें कि नए लोगों के आवेदन स्वीकार करने संबंधी सर्कुलर में कहा गया है कि बहुत सारे लोग हमारे संगठन को बदनाम करने की नियत से भी शामिल होने के लिए आ सकते हैं। ऐसे में नए आवेदक की पृष्ठभूमि की जांच अवश्य की जानी चाहिए। सर्कुलर में कहा गया है कि किसी नए शख्स को संगठन में कम से कम 6 महीने काम करना होगा, तभी उसे कोई पद मिलेगा। पहले सगंठन में शामिल होने के लिए आवेदनकर्ताओं को 11 रुपए का शुल्क देना होता था, जो अब फ्री कर दिया गया है साथ ही केवल ऑनलाइन एप्लिकेशन ही स्वीकार किए जाएंगे।

फिलहाल है 2 लाख सदस्य
राज्य इन चार्ज मल्ल का दावा है कि सिर्फ यूपी ही नहीं बल्कि तमिलनाडु,केरल, कर्नाटक, ओडिशा और महाराष्ट्र से भी आवेदन आ रहे हैं। मल्ल ने दावा किया कि फिलहाल वाहिनी के 2 लाख लोग सदस्य हैं। मल्ल ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी मिली है कि कुछ लोग अन्य दलों से वाहिनी में आकर, आपराधिक कृत्यों के जरिए हमारी छवि खराब करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में गोरखपुर में एक पार्टी से युवाओं के एक समूह वाहिनी के नाम पर यज्ञ के लिए पैसे की वसूली कर रहा था।

लेकिन संगठन में नहीं है कोई महिला
यह पूछ जाने पर कि संगठन में कोई महिला नहीं है पर मल्ल ने जवाब दिया कि हमारे संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। हमने कभी इस मुद्दे का जिक्र नहीं किया। मल्ल ने कहा कि अब जो भी लोग आवेदन करेंगे, उन्हें वेबसाइट के जरिए आवेदन से जुड़े सारे दस्तावेज अपलोज करना होगा।












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