नगर निगम चुनाव की तैयारियों में जुटी Samajwadi Party, गुटबाजी खत्म करने के लिए अखिलेश ने उठाया ये बड़ा कदम

लखनऊ, 05 अगस्त: उत्तर प्रदेश में चार महीने पहले सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त झेलने वाले सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अब 2024 चुनाव के साथा ही इस साल के अंत में होने वाले नगर निगम चुनाव की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। अखिलेश ने पार्टी के पूर्व और वर्तमान विधायकों को नगर निगम चुनाव के लिए बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। ऐसा माना जा रहा है कि अखिलेश यादव पार्टी में हो रहे बिखराव और गुटबाजी को रोकने के लिए यह कदम उठाया है। पार्टी के सूत्रों की माने तो विधायकों को जिम्मेदारी देने के पीछे का मकसद यही है कि किसी को यह कहने का मौका न मिले कि हमे नजरअंदाज कर दिया गया है। अब जिम्मेदारी दी गई है तो जवाबदेही भी तय की जाएगी।

अखिलेश यादव

वाराणसी नगर निगम की जिम्मेदार मनोज पांडेय के हाथ में

दरअसल स्थानीय निकाय चुनावों के लिए, समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपने विधायकों को इस साल नवंबर-दिसंबर में होने वाले उत्तर प्रदेश में सत्रह नगर निगमों (नगर निगमों) के चुनावों के लिए पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया है। वाराणसी नगर निगम चुनाव की तैयारी विधायक मनोज पांडे, जाहिद बेग और आरके वर्मा करेंगे जबकि विधायक राममूर्ति वर्मा और संग्राम सिंह गोरखपुर में स्थानीय निकाय चुनावों की देखरेख करेंगे।

लखनऊ नगर निगम की जिम्मेदारी भी सौंपी

लखनऊ नगर निगम के लिए सपा ने विधायक फरीद महफूज किदवई, अमिताभ बाजपेयी और धर्मराज सिंह को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। मुरादाबाद के पर्यवेक्षक विधायक मोहम्मद अब्दुल्ला आजम, मनोज पारस और रफीक अंसारी हैं। अयोध्या नगर निगम के लिए विधायक अतुल प्रधान और कमाल अख्तर पर्यवेक्षक हैं, जबकि फिरोजाबाद के लिए, फिरोजाबाद के पूर्व सांसद अक्षय यादव और पूर्व विधायक राकेश राठौर पर्यवेक्षक हैं।

इसी साल दिसंबर में होने हैं नगर निगम चुनाव

अन्य स्थानीय निकायों के साथ, अलीगढ़, आगरा, प्रयागराज, कानपुर, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, बरेली, मेरठ, मुरादाबाद, लखनऊ, वाराणसी, सहारनपुर, फिरोजाबाद, मथुरा-वृंदावन, अयोध्या और शाहजहांपुर के नगर निगम में नवंबर में मतदान होना है। यूपी में इस साल दिसंबर में नगर निगम के चुनाव होने हैं। दरअसल उत्तर प्रदेश में हर राजनीतिक दल ने अब लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारी शुरू कर दी है इसको देखते हुए सपा का यह कदम काफी अहम माना जा रहा है।

गठबंधन में हो रहे बिखराव को रोकने की भी कवायद

वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी अब विपक्ष की रणनीति को भांपते हुए अपने गठबंधन में हो रहे बिखराव को रोकने की कोशिश शुरू कर दी है। बीजेपी ने अखिलेश के गठबंधन से शिवपाल और राजभर को तोड़ने में सफलता पा ली। इससे सपा को काफी झटका लगा है। इसको देखते हुए अब अखिलेश ने बुधवार को पल्लवी पटेल की मां कृष्णा पटेल के साथ मुलाकात की थी। इससे पहले अखिलेश से नाता तोड़ चुके केशव देव मौर्य ने आजम से मुलाकात कर अखिलेश के गठबंधन में दोबारा शामिल होने के संकेत दिए थे।

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