चौकीदार के साथ मां के अवैध संबंधों से परेशान बेटे ने दोनों को उतार दिया मौत के घाट
मिर्जापुर। एक माह से अधिक का समय बीतने के बाद आखिरकार पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम को हलिया के मटिहारी जंगल में दोहरे हत्या कांड का खुलासा करने में सफलता मिल गई। पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने गुरुवार को पुलिस लाइन स्थित मनोरंजन कक्ष में मामले का खुलासा किया। इसमें वाचर के साथ अवैध संबंधों को लेकर बेटे ने बहन के ससुर के साथ मिलकर दावत के बहाने अपनी मां और वाचर को मौत के घाट उतार दिया था। घटना के बाद से हत्यारोपी पुत्र फरार है, पुलिस ने दूसरे आरोपी लक्ष्मन कोल को बुधवार की देर शाम हर्रा जंगल के नहर पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया।

हत्या के दो दिन बाद मिला था शव
हलिया थाना क्षेत्र के मटिहरा जंगल में पनियहवा नाला के पास 15 सितंबर को वाचर सुरेंद्र बहादुर सिंह और माली धिराजी उर्फ नन्हकी देवी की हत्या कर फेंका हुआ शव बरामद हुआ। दोनों की 13 सितंबर को हत्या करके ही नाले में फेंक दिया गया था। दोनों लापता की खोजबीन में 15 सितंबर को शव बरामद हुआ। पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने मामले के खुलासे के लिए हलिया थाना प्रभारी विनोद दुबे, अदलहाट थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह और क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया।

मछली की दावत के के लिए बुलाकर की हत्या
एसपी ने बताया कि टीम ने छानबीन किया तो पता चला कि वाचर सुरेंद्र और माली नन्हकी देवी में अवैध संबंध था। इसका शोर पूरे गांव में था। माली नन्हकी का पुत्र मिथलेश इस बात को बर्दाश्न नहीं कर सका। उसने अपनी बहन के ससुर लक्ष्मन कोल के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। मिथिलेश ने 13 सितंबर को जंगल में सुरेंद्र को फोन कर मछली की दावत के लिए बुलाया। नन्हकी देवी पुत्र मिथिलेश द्वारा दी गई मछली और शराब लेकर महिटरा जंगल के प्लाट पर पहुंची, वहां सुरेंद्र पहले से मौजूद था। शराब पीने के बाद सुरेंद्र और नन्हकी नशे में हो गए। डेढ़ बजे के लगभग मिथिलेश और लक्ष्मन भी मछली बनाने की सामग्री लेकर पहुंचा। नशे में सुरेंद्र पेड़ के नीचे लेटा था, तभी मिथलेश फावड़े से हमला कर सुरेंद्र की हत्या कर दी। नन्हकी चिल्लाकर भागने लगी तो उसे भी पीछे से गर्दन पर वार कर मार डाला। शव को वहीं नाले के पास छुपाकर फरार हो गए।
जगंल के बार्डर से खरीदा सामान
हत्यारोपी मिथिलेश ने मछली और शराब अपनी मां के हाथो जंगल में भेजवाने के बाद। जंगल के बार्डर से लक्ष्मन के साथ 200 ग्राम तेल, 25 ग्राम खड़ा गरम मसाला, 100 ग्राम पीसा मसाला, नमक आदि खरीदा था। उसके साथ
लक्ष्मन कोल भी था।
सर्विलांस से मिला अहम सुराग
मछली का दावत देने के लिए 13 सितंबर की सुबह मिथिलेश और सुरेंद्र की फोन पर बात हुई थी। इसके बाद एक बजे के लगभग सुरेंद्र ने फोन का मिथिलेश से बात किया। डेढ़ बजे के लगभग जंगल में पहुंचने के बाद
मिथिलेश और लक्ष्मन का फोन बंद हो गया। दोनों का फोन शाम दूर एक ही स्थान पर आन हुआ। इस पर पुलिस को शक हुआ। छानबीन में पता चला कि बरामद हुआ फावड़ा भी मिथिलेश का है।
आरोपी ने कहा फंसाया गया, झेप गई पुलिस
प्रेस वार्ता के दौरान गिरफ्तार हत्यारोपित लक्ष्मन ने जब कहा कि उसे फंसाया गया है । यह सुन पुलिस झेप गई। एसपी आशीष तिवारी ने हत्यारोपित को ले जाने को कह दिया। पुलिस हत्यारोपित से बात करने से मना करते हुए उसे लेकर चली गई।












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