उन्नाव: पीड़िता के पिता की मौत के बाद थाना प्रभारी समेत 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड, भाजपा विधायक के 4 समर्थक गिरफ्तार
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप के आरोप लगने के बाद घटना ने तूल पकड़ लिया है। 8 अप्रैल रविवार को पीड़िता ने परिजनों के साथ सीएम आवास के सामने आत्मदाह की कोशिश की और भाजपा विधायक पर रेप का आरोप लगाया। सोमवार को मारपीट के आरोप में जेल में बंद पीड़िता के पिता की तबीयत बिगड़ी और अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी अशोक कुमार भदौरिया समेत दो पुलिस अधिकारियों और चार कॉन्स्टेबल्स को निलंबित कर दिया गया है। पीड़िता के पिता से मारपीट करने वाले चार आरोपियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

एसपी ने बताया
एसपी पुष्पांजलि देवी ने बताया है कि इस मामले में दो पुलिस अधिकारियों और चार सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही रेप पीड़िता के पिता के साथ मारपीट करने वाले चार आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने पीड़िता से मारपीट के आरोप में विनीत मिश्रा, बऊवा, शैलू और सोनू को गिरफ्तार किया है।

जेल में बंद पीड़िता के पिता की मौत
पीड़िता के पिता सुरेंद्र सिंह उर्फ पप्पू जिला कारागार में 3 अप्रैल को हुई मारपीट की घटना में गिरफ्तारी के बाद बंद थे। बीती रात जिला कारागार में पप्पू ने पेट में दर्द की शिकायत की जिसके बाद उनकी तबीयत और बिगड़ी। उनको उपचार के लिए जिला अस्पताल में लाया गया जहां उपचार के दौरान मौत हो गई।

क्या थी मारपीट की घटना?
पीड़िता ने आरोप लगाया कि 3 अप्रैल को हथियारों से लैस विधायक के भाई अपने गुर्गों के साथ पीड़िता के घर आ धमका और परिजनों को जमकर पीटा। आरोप है कि सत्ता पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को खुश करने के लिए पुलिस ने पीड़िता के परिवार के खिलाफ ही झूठा मुकदमा दर्ज कर उनको प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। इन्हीं सब प्रताड़ना से तंग आकर ही पीड़िता आत्मदाह करने के लिए लखनऊ में मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पहुंच गई। वहां उसने भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप भी लगाया।












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