तो क्या शिवपाल यादव की धमकी के आगे इस बार झुकेंगे अखिलेश?
शिवपाल यादव की अखिलेश यादव को सीधी चेतावनी, या तो पार्टी को तीन महीने के भीतर मुलायम सिंह को सौंपे या फिर मैं अलग सेक्युलर मोर्चा बनाउंगा
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के भीतर जिस तरह से चाचा भतीजे के बीच विवाद खड़ा हुआ और इसका परिणाम पार्टी को यूपी के विधानसभा चुनाव में बुरी हार के रूप में देखना पड़ा, उसके बाद एक बार फिर से शिवपाल यादव ने अपने तेवर दिखाने शुरु कर दिए हैं। शिवपाल यादव ने साफ कर दिया है कि अगर अगले तीन महीने में समाजवादी पार्टी की कमान मुलायम सिंह यादव के हाथों में नहीं सौंपी जाती है तो वह अलग से सेक्युलर फ्रंट बनाएंगे।

जिस तरह से यूपी के चुनाव में सपा को बुरी हार का सामना करना पड़ा और शिवपाल यादव व मुलायम सिंह यादव को पार्टी से किनारे लगा दिया गया है उसके बाद आखिरकार शिवपाल यादव ने आर-पार की लड़ाई लड़ने का बिगुल फूंक दिया है। उन्होंने साफ किया है कि वह नई पार्टी नहीं बल्कि एक अलग धर्म निरपेक्ष मोर्चा बनाएंगे। शिवपाल यादव ने कहा कि अखिलेश यादव ने तीन महीने का समय मांगा था, उन्होंने कहा था कि वह पार्टी को नेताजी के हाथों में सौंप देंगे, ऐसे में अखिलेश अपना वायदा पूरा करें अन्यथा हम भी नई पार्टी बनाने के लिए धर्म निरपेक्ष मोर्चे का गठन करेंगे।
शिवपाल यादव ने भतीजे अखिलेश यादव को सलाह दी है कि वह पार्टी की कमान नेताजी के हाथों में सौंपकर पार्टी और परिवार को एक साथ जोड़ने का काम करें। शिवपाल यादव ने इशाऱों ही इशारों में रामगोपाल यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग पार्टी पर दावा ठोंक रहे हैं उन्हें यह मालूम होना चाहिए कि पार्टी को खड़ी करने का काम किसने किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के संविधान को लिखने वाले शकुनि को गीता पढ़ना चाहिए, सबको पता है कि किसने पार्टी को खड़ा किया है, हमारे लिए नेताजी सबकुछ हैं।
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वहीं योगी आदित्यनाथ पर पलटवार करते हुए शिवपाल यादव ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारी भ्रष्ट सरकार से संबं
ध जोड़ लेते हैं और सरकार में अपनी भागीदारी हासिल कर लेते हैं, लेकिन ऐसा करने से प्रदेश का हाल खराब होता है, जो पिछली सरकार में हुआ था वहीं इस सरकार में होने लगा है, सत्ता के नशे में लोग मासूमों पर अत्याचार कर रहे हैं। बहरहाल देखने वाली बात यह है कि क्या शिवपाल यादव की इस धमकी का अखिलेश यादव पर कोई असर होता है या फिर से वह अपने रुख पर कायम रहते हैं।












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