Shikshamitra Samayojan UP: शिक्षामित्रों की लंबे समय से रुकी उम्मीदें अब होंगी पूरी, समायोजन की तारीख तय
Shikshamitra Samayojan UP: उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। वर्षों से समायोजन की राह देख रहे करीब 40,500 शिक्षामित्रों को जल्द ही खुशखबरी मिल सकती है। समायोजन प्रक्रिया 20 मई के बाद गर्मी की छुट्टियों के दौरान शुरू की जाएगी।
स्कूल शिक्षा महानिदेशालय ने समायोजन की तैयारी को लेकर जिलों के बीएसए (बेसिक शिक्षाधिकारी) को तीन दिनों के भीतर शिक्षामित्रों से जुड़ी जानकारियां ऑनलाइन भेजने के निर्देश दिए हैं। जिन जिलों में अब तक जानकारी नहीं भेजी गई, वहां के 56 बीएसए को फटकार भी लगाई गई है।

इस बार समायोजन और स्थानांतरण की प्रक्रिया को पूरी तरह व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। स्कूल शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने साफ कहा है कि समायोजन का कार्य गर्मी की छुट्टियों के दौरान ही पूरा किया जाएगा।
2014-15 से लटकी है शिक्षामित्रों की स्थिति
गौरतलब है कि वर्ष 2014-15 में शिक्षामित्रों को प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था। लेकिन जुलाई 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने यह नियुक्तियां रद्द कर दी थीं। इसके बाद कई शिक्षामित्र वापस अपने पुराने विद्यालयों में नहीं लौट पाए।
19 जून 2018 को सरकार ने एक बार फिर इन शिक्षामित्रों को उनके मूल विद्यालयों में वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन इनमें से 24,500 शिक्षामित्र ऐसे हैं जो आज तक वापसी नहीं कर पाए हैं। अब इन्हें उनके मूल स्थान पर समायोजित करने की दिशा में काम हो रहा है।
महिला शिक्षामित्रों को भी मिलेगा स्थानांतरण का मौका
महिला शिक्षामित्रों के लिए भी इस बार अच्छी खबर है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां महिलाएं ससुराल छोड़कर मायके के स्कूल में पढ़ाने जाती हैं। शासन ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया है और अब स्थानांतरण का रास्ता भी साफ हो रहा है।
करीब 16,500 महिला शिक्षामित्र ऐसे हैं जो ब्लॉक के भीतर या जिले के बाहर स्थानांतरण चाहती हैं। शिक्षा विभाग ने इन मामलों पर भी विचार करने की बात कही है ताकि महिला शिक्षामित्रों को पारिवारिक और सामाजिक राहत मिल सके।
ऑनलाइन प्रक्रिया से तय होंगी प्राथमिकताएं
इस बार शिक्षामित्रों से जुड़ी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन मोड में की जाएगी ताकि कोई भी गड़बड़ी न हो। बीएसए को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय पर डेटा अपलोड करें, वरना विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है। जिलों में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया जाएगा।
प्रदेश सरकार चाहती है कि लंबे समय से रुकी प्रक्रिया को इस बार तय समय पर पूरा किया जाए। इससे न सिर्फ शिक्षामित्रों को राहत मिलेगी, बल्कि स्कूलों में भी शिक्षकों की तैनाती संतुलित हो सकेगी।












Click it and Unblock the Notifications