UP Shikshamitra: यूपी में शिक्षामित्रों को बड़ी सौगात, 8 साल बाद मिली घर के पास पोस्टिंग की सुविधा
UP News: उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों के लिए आखिरकार लंबे इंतजार का अंत हो गया है। जो शिक्षामित्र सालों से अपने गांव और घर से दूर ड्यूटी कर रहे थे, अब उन्हें अपने मूल विद्यालय या घर के पास वाले स्कूल में पोस्टिंग मिलने का रास्ता साफ हो गया है। योगी सरकार ने इस फैसले पर मुहर लगाते हुए अधिसूचना जारी कर दी है।
30 हजार शिक्षामित्रों की बड़ी घर वापसी
लगभग 30 हजार शिक्षामित्रों को अपने पुराने स्कूल में वापस भेजने का आदेश जारी हो चुका है। शिक्षामित्रों की यह मांग लंबे समय से थी कि उन्हें वहीं तैनाती मिले जहां उनकी पहली नियुक्ति हुई थी। अब सरकार ने यह मांग मान ली है और प्रक्रिया तुरंत शुरू होने जा रही है।

दो चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
पहला स्टेज: शिक्षामित्रों से विकल्प मांगे जाएंगे
जो शिक्षामित्र अपने मूल स्कूल लौटना चाहते हैं, उनसे एक निर्धारित प्रारूप में विवरण लिया जाएगा।
दूसरा स्टेज: जिला समिति करेगी समायोजन
जिला स्तर पर बनी समिति उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर सभी शिक्षामित्रों का समायोजन करेगी।
कैसे होगी पोस्टिंग?
सरकार ने तैनाती के तीन साफ नियम तय किए हैं:
- 1. मूल विद्यालय में जगह है → सीधे वहीं पोस्टिंग।
- 2. मूल विद्यालय में पद खाली नहीं → उसी ग्राम सभा/पंचायत के स्कूल में नियुक्ति।
- 3. वहां भी जगह नहीं → उसी वार्ड के किसी स्कूल में भेजा जाएगा।
एक स्कूल में कितने शिक्षामित्र?
- सामान्य क्षेत्रों में एक प्राथमिक स्कूल में अधिकतम दो शिक्षामित्र रखे जा सकेंगे
- नक्सल प्रभावित इलाकों में यह सीमा बढ़ाकर तीन कर दी गई है ताकि शिक्षा प्रभावित न हो।
जिले के डीएम की अध्यक्षता में बनी समिति पूरे समायोजन की निगरानी करेगी और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जाएगी।
महिला शिक्षामित्रों को सबसे बड़ा फायदा
सरकार ने साफ कहा है कि महिला शिक्षामित्रों को घर के सबसे नजदीकी स्कूल में तैनाती देने को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे घर-परिवार और नौकरी दोनों का संतुलन आसान होगा।












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