यूपी: शिक्षा विभाग की भर्तियों में बड़े फर्जीवाड़े का हुआ खुलासा
अब भ्रष्टाचार सामने आने पर इलाहाबाद के डीएम संजय कुमार ने डॉयट प्राचार्य व बीएसए को निलंबित कर दिया है।
इलाहाबाद। शिक्षा विभाग में सह समन्वयकों की भर्ती में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। चहेतों को नियुक्ति के लिये बगैर लिखित परीक्षा परिणाम के इंटरव्यू करा दिया गया। अब भ्रष्टाचार सामने आने पर इलाहाबाद के डीएम संजय कुमार ने डॉयट प्राचार्य व बीएसए को निलंबित कर दिया है। साथ ही चयनित सह समन्वयकों की प्रतिनियुक्ति समाप्त करने तथा विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी है।

बता दें कि सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत 2011 में सह समन्वयकों की भर्ती हुई है जिसमें अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद डीएम ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। जांच टीम ने अब अपनी रिपोर्ट में इसका खुलासा किया कि सह समन्वयक की नियुक्ति में शासनदेश की अवहेलना की गई।
सबसे अधिक चौंकाने वाली बात तो यह है कि लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित भी नहीं हुआ था उसके बावजूद इंटरव्यू हो गया। जांच में यह भी सामने आया है कि लिखित परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में अंदर और मुख्य पृष्ठ के प्राप्तांकों में भारी अंतर है। मनमाने तरीके से इसमे नंबर भी बाद मे जोड़े गये हैं।
ये हुये निलंबित
डॉयट प्राचार्य राजेंद्र प्रसाद, तत्कालीन बीएसए हरिकेश यादव को डीएम ने निलंबित करने की संस्तुति की है जबकि जिला समन्वयक सुरेंद्र वर्मा की प्रतिनियुक्ति समाप्त करने तथा विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।
जिलाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि शिकायत के बाद इनके जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की थी। जांच टीम की रिपोर्ट पर डॉयट प्राचार्य व तत्कालीन बीएसए को निलंबित किया गया है जबकि जिला समन्वयक सुरेंद्र वर्मा पर भी कार्रवाई की संस्तुति करते हुये शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।












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