Saharanpur Encounter: फिरोजाबाद एनकाउंटर के छह घंटे बाद सहारनपुर में भी चली गोलियां, एक लाख का इनामी बदमाश ढेर
Saharanpur Encounter: रविवार की रात सहारनपुर के गागलहेड़ी इलाके में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान पुलिस ने एक लाख रुपये के इनामी इमरान को ढेर कर दिया। इमरान बाइक लूटकर भाग रहा था और पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की थी।
जब पुलिस ने पीछा किया तो उसने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में इमरान को गोली लगी। घायल हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इस मुठभेड़ में गागलहेड़ी थाने के इंस्पेक्टर परवेश शर्मा और सरसावा थानाध्यक्ष विनोद कुमार भी घायल हुए। एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि इंस्पेक्टर के हाथ में गोली लगी है, जबकि थानाध्यक्ष की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली फंसी, जिससे उनकी जान बच गई।
कुख्यात बदमाश था इमरान
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इमरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कुख्यात अपराधी था। उसके खिलाफ सहारनपुर, मेरठ, शामली और मुजफ्फरनगर में लूट, डकैती और अवैध हथियारों से जुड़े कई मामले दर्ज थे।
पुलिस काफी समय से उसकी तलाश में थी। उसके सिर पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। घटनास्थल से पुलिस ने दो पिस्टल, 18 खोखे, 10 जिंदा कारतूस और लूटी गई बाइक बरामद की है।
छह घंटे पहले फिरोजाबाद में भी मुठभेड़
इमरान का एनकाउंटर शनिवार रात फिरोजाबाद में हुए एक अन्य एनकाउंटर के छह घंटे बाद हुआ। वहां पुलिस ने बदमाश नरेश पंडित उर्फ पंकज को मार गिराया था।
यह भी बता दें कि एनकाउंटर में मारे गए बदमाश इमरान का साथी मेहताब तीन अक्टूबर को मुजफ्फरनगर में मुठभेड़ में मारा जा चुका था। उस पर भी एक लाख रुपये का इनाम था।
उस समय पुलिस ने मेहताब को आत्मसमर्पण के लिए कहा था, लेकिन उसने फायरिंग शुरू कर दी थी। जवाब में चली पुलिस की गोली से उसकी मौत हो गई थी। उसी मुठभेड़ के दौरान इमरान भागने में कामयाब हो गया था।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
सहारनपुर पुलिस ने बताया कि घटना के बाद पूरे इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है। संदिग्धों की तलाश जारी है और नाकेबंदी भी की गई है ताकि कोई अपराधी भाग न सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की सख्ती से अपराधों में कमी आई है। लोग राहत महसूस कर रहे हैं और पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं।
पिछले कुछ महीनों में पश्चिमी यूपी में कई इनामी बदमाश पुलिस मुठभेड़ों में मारे जा चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इससे अपराधियों में डर बढ़ा है और कई गिरोह अब सक्रिय नहीं हैं।












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