योगीराज: भगवान श्री कृष्ण की नगरी में युवाओं पर चढ़ा 'रंग दे तू मोहे गेरुआ...'
उत्तर प्रदेश में जहां भी भाजपा और संघ के कार्यक्रम हो रहे हैं वहां इन कुर्तों की बिक्री बड़े पैमाने पर की जा रही है। स्टॉल लगते ही वहां गेरुआ रंग के कुर्ते हाथों-हाथ बिक रहे हैं।
मथुरा। गेरुआ रंग का कुर्ता, गले में राम नाम का दुपट्टा यूपी की सियासत में तो आजकल यही फैशन चल रहा है। भाजपाई तो इस कलर को पसंद कर ही रहे हैं साथ ही नौजवान भी आकर्षित हुए बिना नहीं रह पा रहे हैं। दीन दयाल धाम फराह में तो रात-दिन योगी कट के कुर्ते तैयार हो रहे हैं। संघ के कार्यालयों से तो अचानक डीमांड बढ़ी है।


वहीं भाजपा के कार्यक्रम में भी जहां भी कुर्तों की बिक्री के स्टॉल लगते हैं वहां गेरुआ रंग के कुर्ते हाथों-हाथ बिक रहे हैं। हम पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म स्थली दीनदयाल धाम फराह पहुंचे तो वहां पर अभी इसी तरीके से माहौल मिला। वहां पर लगातार ग्राहक आए हुए थे जो की सिर्फ भगवा कुर्तों की मांग कर रहे थे। अभी तक गेरुआ रंग के कुर्ते आमतौर पर संत महात्मा ही पहन रहे थे। लिहाजा उनकी इतनी डिमांड नहीं थी। दीन दयाल धाम के सिलाई केंद्र पर भी साल भर मुश्किल से 400 से 500 कुर्ते तैयार किए जाते थे। तब सफेद, क्रीम और ग्रे रंग के कुर्तों की डिमांड सबसे ज्यादा रहती थी। लेकिन प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही गेरुआ रंग की मांग बढ़ गई है। संघ के कार्यालयों से भी लगातार डिमांड आ रही है।

उत्तर प्रदेश में जहां भी भाजपा और संघ के कार्यक्रम हो रहे हैं वहां इन कुर्तों की बिक्री बड़े पैमाने पर की जा रही है। सिलाई केंद्र के प्रमुख राधेश्याम ने बताया की जिस तरह से इन कुर्तों की डिमांड बढ़ रही है उसी तरह से सिलाई करने वालों की संख्या बढ़ा दी गई है। उनका कहना है की मैं यहां सन् 1998 से काम कर रहा हूं, इस समय गेरुआ वस्त्र का बहुत रुझान है।

इस समय जो योगी जी वस्त्र पहनते हैं उस कलर के कुर्ते की मांग दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। दिन भर में लगभग 400 से 500 कुर्ते तैयार किए जाते हैं। भगवा रंग का कुर्ता बनाने के लिए 20 लोग लगे हुए हैं और पहले की अपेक्षा काम भी ज्यादा आने लगा है। इस संस्थान के प्रभारी ने बताया की पहले 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद मोदी कट कुर्तों की मांग भरी थी लेकिन आजकल सिर्फ योगी कट गेरुआ रंग के कुर्तों की डिमांड सबसे ज्यादा आ रही है।


युवा तो युवा हर उम्र का व्यक्ति इन कुर्तों को पसंद कर रहा है। कुर्ते के साथ राम-राम का दुपट्टा भी तैयार किया जा रहा है। कुर्ते के साथ इस दुपट्टे को ही लोग पसंद कर रहे हैं। दीनदयाल धाम से भी तमाम लोग सीधे आकर कुर्ता और दुपट्टा खरीद कर ले जा रहे हैं। साथ ही घनश्याम गुप्ता संस्था प्रभारी ने बताया की युवाओं में इसको लेकर विशेष फर्क देखा गया है। अबतक जो युवा कुर्ते को लेकर उदासीन रहते थे। अब वो युवा भी कुर्ते को बड़े शौक के साथ पहन रहे हैं और इस कुर्ते को पहनने के बाद वो यहां से खुश होकर जा रहे हैं। कई युवा तो कई-कई कुर्ता ले जा रहे हैं।












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