PICS: रूसी लड़कियों को भारतीय युवक सिखा रहा है सुडौल शरीर बनाने के गुर
'रूसी स्टूडेंट्स ने मुझसे रिक्वेस्ट की मैं उन्हें उनके देश में आकर योग सिखाऊं।'
इलाहाबाद। अभी पूरे विश्व में योग दिवस मनाया गया। 150 देशों ने इसमें हिस्सा लिया और देश की ख्याति चारों ओर गूंजी। लेकिन क्या आप जानते हैं योग विद्या को विश्व योग दिवस के पहले भी विदेशों में भारतीय योग गुरू बांट रहे हैं। हम आपको ऐसे ही एक योग गुरू से मिलवाते हैं। जो 28 साल की उम्र में इंटरनेशनल योगा गुरू बन चुका है। इनकी वजह से विदेश में भारत की इस योग विद्या का डंका बज रहा है। जानिए इलाहाबाद के रहने वाले विष्णु शुक्ला कैसे एक शख्स से शख्सियत बन गए। कैसे वो रूस में ख्याति प्राप्त और स्थापित योगा गुरू बनकर प्रोफेशनल मॉडल्स को भी योग ट्रेनिंग देते हैं।

10 साल की उम्र से ही सीखने लगे योगा
इलाहाबाद में जन्मे विष्णु शुक्ला के पिता भागवत शरण शुक्ला नियमित योगा अभ्यास करते थे। जिसे देखकर छोटा विष्णु भी गुलाटियां मारा करता था। पिता ने देखा कि विष्णु योगा के प्रति कुछ अलग ही सजग है तो वो विष्णु को योग की बारीकियां सिखाने लगे। जब विष्णु की उम्र 10 की हुई तो उन्होंने इलाहाबाद के ही ख्याति प्राप्त संत श्री हरि चैतन्य ब्रह्मचारी जी से संपर्क किया। ब्रह्मचारी जी ने विष्णु को शिष्य के तौर पर स्वीकार कर लिया और नियमित योग शिक्षा देने लगे। विष्णु भोर में योगाभ्यास के बाद घर आता और स्कूल भी जाता। ये उसकी दिनचर्या बन चुकी थी। जब विष्णु की उम्र 13 की थी। उसी समय पिता भागवत शरण शुक्ला को काशी हिंदू विश्वविद्यालय में नौकरी मिल गई। वो बीएचयू के संस्कृत व्याकरण डिपार्टमेंट के प्रोफेसर बन गए। विष्णु ने पिता के साथ ही बोरिया-बिस्तर बांधा और शिव नगरी काशी में ही डेरा जमा लिया। चूंकि विष्णु का मन योग विद्या में रमा था तो वो इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने लगे। बीएचयू से एस्ट्रोफिजिक्स में ग्रेजुएशन करने के बाद विष्णु बेंगलुरु स्थित सव्यासा यूनिवर्सिटी में योग टीचर ट्रेनिंग का कोर्स करने लगे। लेकिन योग के साथ ही विष्णु ने जीएनआईआईटी से सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पढ़ाई भी की।

और बन गया इंटरनेशनल योगा गुरु
सन् 2014 में योग टीचर ट्रेनिंग का कोर्स करने के बाद विष्णु ने वाराणसी वापस पहुंचे। यहां अस्सी घाट और राजा घाट पर लोगों को योग सिखाना शुरू कर दिया। योग सीखने के लिए भारतीय लोगों के अलावा गुरु इटली, फ्रांस, कोरिया, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से आए विदेशी स्टूडेंट्स भी मिलने लगे। विष्णु बताते हैं कि कुछ रूसी स्टूडेंट्स ने मुझसे रिक्वेस्ट की मैं उन्हें उनके देश में आकर योग सिखाऊं। मैंने सोचा ऐसा किया जा सकता है। बस फिर तो जैसे मेरे सपनों को और मुझे यानी दोनों को पंख लग गए। सन् 2015 में मैं योग सिखाने के लिए विदेश दौरे पर निकला। मेरा पहला पड़ाव था मॉस्को। यहां मैं तीन महीने रहा तो बहुत आश्चर्य हुआ। भारत की अपेक्षा बहुत ज्यादा संख्या में लोगों के बीच योग का क्रेज था। वहां लोगों का खूब सम्मान और प्यार मिला तो मैंने वहीं रुकने का इरादा बनाया। नवंबर 2015 में मैं स्थाई रूप से रूस में ठहर गया और तब से रूस में रहकर लोगों को योग ट्रेनिंग दे रहा हूं। शुरुआती दो साल मॉस्को में रहने के बाद अभी कुछ समय पहले ही सेंट पीटर्सबर्ग में विष्णु शिफ्ट हुए हैं और विश्व योग दिवस पर अपने वतन अपने घर संगम नगरी लौटे हैं।

इश्क हुआ और कर ली शादी
गुरू विष्णु बताते हैं कि योग क्लासेस के दौरान ही मॉस्को की रहने वाली इन्ना डेरेशे से प्यार हो गया और हम दोनों ने शादी कर ली। पहली नजर में कैमिस्ट्री जमी और मुलाकातें बढ़ती चली गईं। विष्णु ने बताया कि इन्ना से मिलकर लगा कि यही मेरी सोलमेट है। हमने फरवरी 2016 में शादी कर ली और हमारी एक साल की बेटी भी है। इन दिनों इन्ना ने भी काम शुरू कर दिया है और वो विष्णु की बतौर पीआर मैनेजर काम करती हैं।

रूस में छा गए विष्णु
इंटरनेशनल योगा गुरू विष्णु को तब ख्याति मिली जब वो पूर्व मिसेज रशिया (2010) अलीसा क्रायलोवा को प्रेग्नेंसी योग और मंत्रा हीलिंग की क्लासेस देने लगे। विष्णु का नाम तेजी से उभरा और अब वो रूस में छा गए हैं। विष्णु बताते हैं कि योग का कमाल ही है कि 3 बच्चों की मां होकर भी अलीसा प्रोफेशनल मॉडल हैं। अलीसा की फिटनेस देखकर तो कोई ये भी नहीं कह सकता कि उनके बच्चे भी होंगे। 3 बच्चों का तो सवाल ही नहीं उठता।












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