Rihand Dam ओवरफ्लो: आधी रात में 5 फाटक खोलकर छोड़ा गया 42 हजार क्यूसेक पानी, UP के कई जिलों में बाढ़ का खतरा
Rihand Dam News: लगातार हो रही बारिश ने उत्तर प्रदेश के बड़े बांधों का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंचा दिया है। रविवार की रात रिहंद बांध का पानी 869 फीट पार कर गया। इसके बाद विभाग ने आधी रात को पांच फाटक खोलकर करीब 42 हजार क्यूसेक पानी छोड़ दिया।
यह इस सीजन में तीसरी बार है जब रिहंद बांध को खोलना पड़ा। जून से जारी बारिश के बीच जुलाई और अगस्त में पहले भी फाटक खोले गए थे। अब पानी की मात्रा और दबाव देखते हुए अचानक फिर से यह कदम उठाना पड़ा।

हालांकि रातभर पानी छोड़े जाने के बावजूद सोमवार सुबह तक स्तर 869.1 फीट पर स्थिर रहा। विभाग ने साफ कहा कि फिलहाल हालात काबू में हैं लेकिन बांध से निकले पानी का असर निचले क्षेत्रों पर पड़ सकता है।
बिजली उत्पादन तेज, टरबाइन फुल लोड पर
रिहंद बांध पर लगे छहों टरबाइन पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं। जल विद्युत निगम के मुताबिक इस समय लगभग 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। बांध से पानी का तेज डिस्चार्ज जारी है और यह स्थिति अगले कुछ दिन बनी रह सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 42 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से नदी किनारे बसे गांव प्रभावित हो सकते हैं। यही वजह है कि स्थानीय प्रशासन और सिंचाई विभाग लगातार निगरानी में जुटे हैं और गांववालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
प्रदेश में कई बांधों पर भी बढ़ा है दबाव
प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी बांधों पर बारिश का दबाव बढ़ गया है। मिर्जापुर में अहरौरा बांध ओवरफ्लो होने के बाद नौ साल में पहली बार इसके 22 गेट खोले गए। इससे 20 से ज्यादा गांवों में पानी घुसने की स्थिति बन गई।
इसी तरह सोनभद्र के धंधरौल बांध का जलस्तर बढ़ने पर 22 फाटक खोल दिए गए हैं। चंदौली के मूसाखंड और लतीफ शाह बांध भी भर चुके हैं। यहां भी विभाग ने पानी का स्तर नियंत्रित करने के लिए गेट खोले हैं।
नदियों का रौद्र रूप, गांवों पर असर
फर्रुखाबाद में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पंखियन गांव में प्रधान का कार्यालय समेत कई घर नदी में समा गए। चंदौली में घाघरा नदी पर बना मुसाहिबपुर बंधा अचानक टूटने से पांच गांवों में पानी घुस गया।
ललितपुर के माताटीला, राजघाट, जैमिनी और गोविंद सागर बांध भी लबालब हो चुके हैं। यहां से छोड़ा गया पानी आसपास की बस्तियों में परेशानी बढ़ा रहा है। फर्रुखाबाद का भुड़िया भेड़ा गांव तो गंगा की बाढ़ से पूरी तरह टापू बन चुका है।
सिंचाई विभाग और जल विद्युत निगम ने सभी प्रभावित जिलों में सतर्कता बढ़ा दी है। बांधों के गेट खोलने और लगातार पानी छोड़े जाने से बाढ़ जैसी स्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए गांववालों को सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने 30 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। ऐसे में बांधों का दबाव और बढ़ सकता है, जिससे कई इलाकों में हालात और गंभीर होने के संकेत हैं।












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