बिना किसी नए कर के वापस लौट रही UP की अर्थव्यवस्था, पिछले वर्ष से ज्यादा मिला राजस्व
बिना किसी नए कर के वापस लौट रही UP की अर्थव्यवस्था, पिछले वर्ष से ज्यादा मिला राजस्व
लखनऊ, 09 जून: उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था कोरोना वायरस महामारी के चलते पटरी से उतर गई थी, जो धीरे-धीरे वापस लौटने लगी है। जी हां...प्रदेश सरकार ने बीते मई माह में कर और करेतर राजस्व की मुख्य मदों में 14,139.62 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्ति हुई है। जो कि पिछले साल इसी माह की प्राप्त राशि से 5,865.86 करोड़ रुपये ज्यादा है। यहां खास बात यह है कि बिना कोई नया कर लगाए सरकार का राजस्व बढ़ाया है।

प्रदेश सरकार को सबसे अधिक राजस्व जीएसटी, वैट, आबकारी, स्टाम्प और निबन्धन, परिवहन, भू-तत्व और खनिकर्म में मिला है। तो वहीं, पिछले साल मई महीने में यूपी सरकार को कर और करेतर राजस्व की मुख्य मदों में 8,273.76 करोड़ रुपये ही मिले थे। इस प्रकार 5,865.86 करोड़ अधिक राजस्व मिला है। वहीं, जीएसटी में इस साल मई में 4,957 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई। जबकि पिछले वर्ष 2,771.32 करोड़ रुपये मिले थे। यानी जीएसटी में डेढ़ गुना अधिक राजस्व सरकार को मिला है।
इस तरह वैट में इस साल मई में 2,702.3 करोड़ रुपये की प्राप्ती हुई है, जबकि पिछले साल 2,286.63 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। आबकारी में इस साल 3,414 करोड़ रुपये की कमाई हुई, जबकि पिछले साल यह 2,138.91 करोड़ रुपये ही मिले थे। स्टांप व निबंधन को इस साल मई महीने में 2021.52 करोड़, जबकि पिछले साल मई में 625.85 करोड़ रुपए का ही राजस्व मिला था। इस तरह स्टाम्प और निबन्धन में सरकार को तीन गुने से अधिक राजस्व मिला है।
परिवहन के तहत इस साल 793.41 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई, जबकि पिछले वर्ष यह 314.83 करोड़ रुपये थी। करेतर राजस्व के तहत भू-तत्व एवं खनिकर्म के मद में पिछले वर्ष 136.22 करोड़ रुपये ही मिले थे। इसकी तुलना में इस साल मई में 251.09 करोड़ रुपये की कमाई हुई। भूतत्व और खनिकर्म को पिछले साल की अपेक्षा लगभग दोगुने राजस्व मिला है।












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