NER: हैंडलिंग ऑफ सीपी ग्राम्स और रेल मदद ऐप को लेकर पूर्वोत्तर रेलवे ने की यह खास पहल,जानिए क्या होंगे फायदे?
NER Gorakhpur Latest News Indian Railway Uttar Pradesh: पूर्वोत्तर रेलवे पर यात्री संतुष्टि को ध्यान में रखकर 'सी.पी.ग्राम्स' तथा 'रेल मदद' पोर्टल पर प्राप्त जन परिवादों का निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाता है। इस रेलवे पर परिवाद निस्तारण की उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग के फलस्वरूप शत-प्रतिशत केसों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा से भी कम समय में किया जाता है। इसके फलस्वरूप पूर्वोत्तर रेलवे को भारतीय रेल स्तर पर पिछले वर्ष 'रेल मदद शील्ड' तथा सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु 'गोविंद वल्लभ पंत शील्ड' प्रदान की गई है। इसी क्रम में, बहुविषयक पद्धति प्रशिक्षण केंद्र (एम.एस.टी.सी.), गोरखपुर में 23 एवं 24 अप्रैल, 2025 को ''हैंडलिंग ऑफ 'सी.पी.ग्राम्स' तथा 'रेल मदद' पोर्टल'' विषय पर दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण
कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 24 रेल कर्मचारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में पूर्वोत्तर रेलवे पर सी.पी.ग्राम्स तथा रेल मदद पोर्टल हैंडल करने वाले एवं इससे सम्बन्धित अन्य कार्य करने वाले रेलकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से रेल यात्रियों से अच्छा व्यवहार करना, उनके प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर देना, परिवादों का निर्धारित समय में सुनियोजित तरीके से निस्तारण, डेटा विश्लेषण, परिवाद प्रबन्धन, परिवादों की पहचान कर परिवाद के अनुसार अल्पावधि/दीर्घावधि में निस्तारण करना, फीडबैक इत्यादि सम्मिलित है।

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रेलवे बोर्ड द्वारा रेल मदद पोर्टल पर औसत प्रथम प्रतिक्रिया समय (एफ.आर.टी.) 10 मिनट निर्धारित किया गया है। वित्त वर्ष 2024-25 में पूर्वोत्तर रेलवे में औसत प्रथम प्रतिक्रिया समय 04 मिनट था, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में यह समय 05 मिनट था। वाणिज्य विभाग द्वारा बेहतर कार्यों के लिये रेल मदद पोर्टल पर निपटाये गये परिवादों का वित्त वर्ष 2024-25 में 'उत्कृष्ट' फीडबैक की संख्या 6,218 रही, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में यह संख्या 5,418 रही। इसी प्रकार, विद्युत विभाग द्वारा बेहतर कार्यों के लिये रेल मदद पोर्टल पर निपटाये गये परिवादों का वित्त वर्ष 2024-25 में 'उत्कृष्ट' फीडबैक की संख्या 7,292 थी,
जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में यह संख्या 6,002 रही।
पूर्वोत्तर रेलवे पर सी.पी.ग्राम्स तथा रेल मदद पोर्टल पर प्राप्त परिवादों को सुनियोजित तरीके से निस्तारित किया जाता है तथा परिवाद निस्तारण का समय कम करने के बाद भी सुधारात्मक कार्यवाही की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाता है। सी.पी.ग्राम्स पर प्राप्त परिवादों को भी इसी तरह निस्तारित किया जाता है तथा इस पर निस्तारण का समय सबसे कम है।












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