UP: राज्यसभा चुनाव को लेकर शुरू हुई जोड़ तोड़ की राजनीति, जानिए किन नामों पर चल रही चर्चा
लखनऊ, 16 मई : उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनव में प्रचंड जीत हासिल करने के बाद अब बीजेपी ने अपनी निगाहें 10 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव पर टिका दी है। आयोग ने यूपी की 11 सीटों सहित देशभर की 57 सीटों के लिए चुनाव की घोषणा कर दी है। यूपी में बीजेपी सात सीट आसानी से जीत जाएगी लेकिन आठवीं सीट के लिए उसे काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। हालांकि बीजेपी के सूत्रों की माने तो जो 11 सीटें खाली हो रही हैं उसमें बीजेपी के पांच सांसद हैं जिसमें से किसी के एक या दो सांसद रिपीट हो सकते हैं बाकी का पत्ता कटना तय है।

तीन नाम दिल्ली तो चार नाम यूपी से रहने की संभावना
बताया जा रहा है कि यूपी में राज्यसभा की 11 सीटों में से बीजेपी को सात सीटें आसानी से मिल जाएंगी। बीजेपी के सूत्र बता रहे हैं कि तीन नाम दिल्ली से और चार नाम यूपी से शामिल किए जा सकते हैं। दिल्ली से जिन नामों के राज्यसभा जाने की चर्चा है उसमें राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया और संबित पात्रा का नाम भी शामिल है। दोनों में से किसी एक को राज्यसभा का टिकट मिल सकता है। इसके अलावा दिल्ली से जफर इस्लाम अपनी सीट से रिपीट कर सकते हैं। जफर इस्लाम को अमित शाह और मोदी का करीबी माना जाता है। ऐसे में सूत्रों का कहना है कि जफर इस्लाम दोबारा राज्यसभा जा सकते हैं।

अखिलेश दास के बेटे विराज सागर दास को मिल सकता है टिकट
राज्यसभा चुनाव में पांच के मुकाबले विधायकों की संख्या को देखते हुए इस बार बीजेपी को आठ सीटें जीतने का मौका मिल सकता है। लखनऊ में बिल्डर संजय सेठ को इस बार राज्यसभा सीट से हाथ धोना पड़ेगा. उनकी जगह पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास के पौत्र और पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास के बेटे विराज सागर दास को राज्यसभा का टिकट देने की तैयारी की जा रही है जबकि बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी को भी राज्यसभा चुनाव में उतारा जा सकता है। सूत्रों की माने तो वर्तमान राज्यसभा सांसद शिव प्रताप शुक्ला की जगह ब्राह्मण कोटे से लक्ष्मीकांत राज्यसभा जा सकते हैं।

संजय सेठ की जगह ले सकते हैं विराज
विराज सागर दास के पिता अखिलेश दास का राजनैतिक करियर कांग्रेस और सपा के साथ रहा है जबकि विराज सागर दास बीजेपी से जुड़ते हुए नजर आ रहे हैं। विराज बीजेपी की रायबरेली सदर से विधायक अदिति सिंह के बहनोई हैं। वे दिनोंदिन बीजेपी के नजदीक आते जा रहे हैं। जबकि इस बार संजय सेठ से पार्टी किनारा कर सकती है। 29 मई तक बीजेपी सभी नाम तय कर लेगी. जिसके बाद नामांकन किया जायेगा। बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता मात्र एक विधायक होने की वजह से वह एक भी सदस्य को राज्यसभा भेजने की स्थिति में नहीं है। सतीश चंद्र मिश्र का कार्यकाल पूरा हो रहा है और ऐसी कोई भी उम्मीद भी नजर नहीं आ रही है कि वो दोबारा राज्यसभा जा सकेंगे।

यूपी से ये पांच नाम अभी हैं राज्यसभा सांसद
इस वक्त उत्तर प्रदेश में केंद्रीय मंत्री, बिल्डर संजय सेठ, शिवप्रताप शुक्ला, जयप्रकाश निषाद और जफ़र इस्लाम और सुरेंद्र सिंह नगर ये पांच सांसद हैं, जो बीजेपी से हैं। बीएसपी सतीश चंद्र मिश्र और अशोक सिद्धार्थ, सपा से रेवतीरमण सिंह विश्वम्भर प्रसाद निषाद और सुखराम यादव सांसद हैं। जबकि कांग्रेस से कपिल सिब्बल का नाम है। बीजेपी से जुड़े इन पांच पुराने नामों में से जफर इस्लाम के अलावा बाकी सारे नाम नए होने की उम्मीद की जा रही ह। जिसमें सबसे अहम नाम लखनऊ विराज सागर दास का है।












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