चुनावी साल में BJP को आई राजा महेंद्र प्रताप सिंह की याद, UP में जाटों की नाराजगी दूर करने की कोशिश

लखनऊ, 9 सितम्बर: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार का हर कदम चुनावी लिहाज से रखा जा रहा है। योगी सरकार ने लगभग दो साल पहले जाट समुदाय में आइकन माने जाने वाले राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर एक विश्वविद्यालय खोलने का ऐलान किया था लेकिन दो साल के भीतर इसको लेकर सरकार कदम नहीं बढ़ा पाई लेकिन अब चुनावी साल में पीएम मोदी उनके नाम पर बनने वाले विश्वविद्यालय की आधारशिला 14 सितम्बर को रखेंगे। दरअसल, 1929 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) को जमीन दान करने वाले जाट समुदाय के इस नेता को लेकर आने वाले दिनों में अब सियासत और गरमाने वाली है। बीजेपी की रणनीति को भांपते हुए रालोद ने भी मोर्चा खोल दिया है।

मोदी

चुनाव से पहले जाटों की नाराजगी दूर करने की कवायद

माना जा रहा है कि पश्चिमी यूपी में जाटों की नाराजगी दूर करने के लिए ही संगठन और सरकार ने इस कार्यक्रम की योजना बनाई है। इस बीच पश्चिमी यूपी में खासा दखल रखने वाली राष्ट्रीय लोकदल ने हालांकि इस कदम का स्वागत किया है लेकिन साथ ही उसने महेंद्र प्रताप सिंह को भारत रत्न देने की मांग कर बीजेपी की परेशानी और बढ़ा दी है। जाट आइकन को सम्मानित करने का कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पिछले सितंबर में संसद के माध्यम से तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध के तहत समुदाय के कई सदस्यों ने भाजपा के खिलाफ लामबंद किया है। राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के प्रमुख जयंत चौधरी, जो किसानों के विरोध प्रदर्शन में एक प्रमुख व्यक्ति रहे हैं, ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया और महेंद्र प्रताप सिंह के लिए "भारत रत्न" की मांग की है।

राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय सचिव अनिल दुबे कहते हैं कि,

'' बीजेपी को उनकी याद आई है अच्छी बात है लेकिन उनको एक विश्वविद्यालय तक समेटना यह ठीक नहीं है। उनका ऐसा कद था कि उनके नाम पर तो पूरे देश में अलग अलग राज्यों में विश्वविद्यालय बनाए जाने चाहिए। सबसे अच्छा तो यह होता कि बीजेपी की मोदी सरकार उनको देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से नवाजे। तब सही मायने में उनको असली सम्मान मिल पाएगा।''

अलीगढ़ में 92 एकड़ जमीन पर बनेगा राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गठन की घोषणा के लगभग दो साल बाद 14 सितंबर को अलीगढ़ जिले में राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की आधारशिला रखेंगे। जिले की कोल तहसील के लोढ़ा गांव में 92.27 एकड़ जमीन पर विश्वविद्यालय बनेगा। पहले चरण में, इस परियोजना पर 101 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है, जिसमें से 10 करोड़ रुपये मार्च में जारी किए गए थे। इस चरण में एक प्रशासनिक ब्लॉक, एक पुस्तकालय, सामान्य सुविधाओं और छात्रावास और आवासीय क्षेत्रों का निर्माण किया जाएगा। सरकार की योजना जनवरी 2023 तक इसे पूरा करने की है।

योगी

बीजेपी के सूत्रों ने कहा कि आदित्यनाथ और अन्य क्षेत्रीय नेता अगले सप्ताह के कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। मोदी के दौरे की तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री बुधवार को अलीगढ़ में होंगे। एक जाट राजा के तौर पर उन्होंने 1929 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) को जमीन दान की थी। बताया जाता है कि 1915 में अफगानिस्तान में एक अंतरिम सरकार के गठन का श्रेय दिया जाता है, आगामी विश्वविद्यालय भाजपा के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक महत्व रखता है क्योंकि अगले साल राज्य में चुनाव होने हैं।

नवंबर 2019 में हुई थी महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की घोषणा
नवंबर 2019 में राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के गठन की घोषणा करते हुए, आदित्यनाथ ने दावा किया था कि हालांकि उन्होंने एएमयू को जमीन दी थी, विश्वविद्यालय ने उनके योगदान को मान्यता नहीं दी थी। पिछले कुछ वर्षों में, भाजपा ने जाट राजा के योगदान को मान्यता देने पर काफी जोर दिया है, और उनके नाम पर एएमयू का नाम बदलने की मांग की है। कुछ भाजपा नेताओं ने यह भी मांग की है कि सिंह की जयंती एएमयू के संस्थापक सर सैयद अहमद खान की तरह मनाई जाए।

जयंत

395 कॉलेज राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय से जुड़ेंगे
अधिकारियों के अनुसार, अलीगढ़, एटा, हाथरस और कासगंज जिलों के 395 कॉलेज राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध होंगे। नियमित पाठ्यक्रमों के अलावा, सरकार की योजना उन्नत कंप्यूटिंग, जैव प्रौद्योगिकी, निर्णय विज्ञान, नवीकरणीय ऊर्जा और उन्नत आणविक आनुवंशिकी विभाग और बहुभाषी अध्ययन, आध्यात्मिक विज्ञान और योग के लिए स्कूल स्थापित करने की है। महेंद्र प्रताप सिंह का जन्म 1886 में हाथरस के मुरसन एस्टेट में हुआ था। वह एक स्वतंत्रता सेनानी थे और 1915 में अफगानिस्तान में आजाद हिंद अंतरिम सरकार के गठन के पीछे उनकी अहम भूमिका थी। एएमयू को भूमि दान करने के अलावा, उन्होंने वृंदावन में आर्य समाज गुरुकुल को भूमि दान की थी।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर एक विश्वविद्यालय बनाया जाएगा और उसकी आधारशिला प्रधानमंत्री रखेंगे। हर चीज को चुनाव से जोड़कर देखना ठीक नहीं है। राजा महेंद्र प्रताप सिंह का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता है। सरकार उनको पूरा सम्मान देने का काम करेगी।

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