वाराणसी: मोदी के खिलाफ गए शराबी पति को अब तक नहीं आया होश, बच्चे संग पत्नी अब भी खड़ी है घर के बाहर

दरवाजा पकड़कर बच्चा पापा-पापा चिल्लाता रह गया लेकिन शराबी बाप ने न पत्नी की ही सुनी और न ही अपने बच्चे की। पीएम मोदी के खिलाफ गया ये शराबी पति अब तक होश में नहीं आया है।

वाराणसी। बीते 14 अप्रैल को पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक ऐसी घटना घटी जो महिलाओं के सशक्तिकरण के उस दावे को खोखला करती है, जिस दावे को पीएम मोदी से लेकर सीएम योगी तक करते हैं। दरअसल इस तारीख को वाराणसी के लंका थाना स्थित मोहनपुरी कॉलोनी में एक विवाहिता महिला रुचि मोहले अपने ही पति शिव मोहले के घर के बाहर धरना देने बैठी, धरना इसलिए कि उसके पति और सास ने उसे घर के बाहर निकाल दिया। लेकिन तब से अब तक रुचि को इंसाफ नहीं मिला और वो अब भी अपने पति के साथ रहने की लड़ाई लड़ रही हैं। जिस लड़ाई में उसके साथ सिर्फ उसके मजबूर पिता हैं।

क्या है पूरा मामला?

क्या है पूरा मामला?

रुचि लखनऊ की रहने वाली हैं और उनके पिता एक प्राइवेट जॉब करते हैं, रुचि का भाई दिव्यांग है उनके पिता ने उनकी शादी तीन साल पहले वाराणसी के हैदराबाद गेट के पास रहने वाले शिवम मोहले से की। रूचि के पति बीएचयू जैसे बड़े संस्थान में बाबू के पद पर कार्यरत हैं। रुचि ने बताया कि उसकी शादी से पहले ससुराल वालों ने ये बात छुपाई थी कि उनका बेटा शराबी है। शादी के बाद से मारपीट का सिलसिला शुरू हो गया, पहले थप्पड़ और अब डंडे से मारा-पीटा जाता है। इस काम में पति के साथ सास भी शामिल रहती है। रुचि के मुताबिक दो महीने पहले पति और सास ने उसे ऐसे मारा कि उनका बच्चा ही गर्भपात हो गया। बात तब बिगड़ी जब रुचि ने अपने पति की शराब की लत के विरोध में आवाज उठाई और अपने ऊपर आए दिन मारपीट को लेकर पुलिस से शिकायत कर दी ताकि पति पुलिस के डर के चलते शराब छोड़ दे लेकिन ठीक इसका उलटा हुआ और पति ने पत्नी को ही घर से निकाल दिया। तब से रुचि बेघर है और इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही है।

क्यों बैठी रुचि धरने पर?

क्यों बैठी रुचि धरने पर?

रुचि इंसाफ के लिए पुलिस थाने से लेकर डीएम और एसएसपी तक गई उसका मुकदमा भी लिखा गया लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। तब रुचि ने अपने पति के घर के बाहर धरने पर फैसला किया और 14 अप्रेल को रुचि धरने पर अपने ढाई साल के बच्चे के साथ बैठ गई। दोपहर तक मामला जब मिडिया में चलना शुरू हुआ तो पुलिस हरकत में आई और पति को हिरासत में लेकर पति शिव मोहले और पत्नी रुचि के बिच समझौता कराने की कोशिश की। लेकिन बात नहीं बनी, पुलिस ने दबाव बनाने के लिए पति को एक दिन के लिए हिरासत में भी रखा लेकिन बात नहीं बनी। अब जब इतने दिन बीत गए और रुचि अभी भी वहीं हैं जहां पहले दिन थी। रुचि ने बताया की उसके पति कहते हैं की तुम अभी अपने घर चले जाओ बाद में देखते हैं। मां नहीं मान रही है। इस पर रुचि अपने पति की नीयत पर सवाल उठा रही हैं, उनका कहना है कि उनके पति चाहते ही नहीं की वो और उनका बच्चा घर वापस आएं। इस मामले में पुलिस भी बस मिली-जुली प्रतिक्रया दे रही है।

क्यों नहीं सुन रहा है पति?

क्यों नहीं सुन रहा है पति?

क्या कहता है आरोपी पति?

आरोपी शिव मोहले काशी हिन्दू विश्व विद्यालय में मैनेजमेंट विभाग में क्लर्क हैं, उसके बावजूद उनका कहना है की रुचि ने पुलिस में कंप्लेन कर घर की इज्जत गवां दी है। हम उसे नहीं रखेंगे, रही बात बच्चे की तो हम उसे अदालत में केस कर के ले लेंगे।

क्या कहती है पुलिस?

लंका थाना के सर्किल ऑफिसर राजेश श्रीवास्तव ने बताया की हमने सुलह कराने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी मामला पति-पत्नी के बीच का है। पुलिस कुछ नहीं कर सकती, अब रुचि महिला न्यायालय का दरवाजा खटखटा कर अपना हक ले सकती हैं।

आखिर क्यों नहीं हो रही कार्रवाई?

आखिर क्यों नहीं हो रही कार्रवाई?

रुचि ने अपने पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस भी दर्ज किया है। जिसमें मारपीट की भी घटना शामिल है। ऐसे में पुलिस ने अब तक पति को क्यों नहीं गिरफ्तार किया है? ये सवाल बनारस में हर उस व्यक्ति को सता रहा है जो रुचि के घटना से वाकिफ है। क्या पुलिस में पति शिव मोहले के रसूख का दबाव है? बहरहाल पुलिस के इस रवैए से इतने दिन से एक महिला हर रोज अपने पति के घर के बाहर खड़े होकर ये उम्मीद करती है की उसका पति उसे बुला लेगा लेकिन शराबी पति को अब तक होश नहीं आया है।

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