मुरादाबाद में AAP की 'वोट बचाओ, संविधान बचाओ' पदयात्रा में संजय सिंह बोले- वोट रहेगा तभी संविधान बचेगा
उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए आम आदमी पार्टी की आवाज़ अब सड़कों पर साफ़ सुनाई दे रही है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता, राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह के नेतृत्व में 'वोट बचाओ, संविधान बचाओ' अभियान के तहत निकाली गई पदयात्रा दूसरे दिन मुरादाबाद पहुंची। यहां पर आप के इस अभियान को जबरदस्त जनसमर्थन देखने को मिला।
आप की ये 6 दिवसीय पदयात्रा सोमवार सुबह रामपुर से शुरू हुई। जे.आर. पैलेस, अंबेडकर पार्क के पास से निकली यह पदयात्रा जैसे ही मुरादाबाद के दलपतपुर पहुंची, वहां मौजूद लोगों ने संजय सिंह का जोरदार स्वागत किया। मुरादाबाद की सीमा में कदम रखते ही जगह-जगह जनता ने पदयात्रा का स्वागत कर यह दिखा दिया कि आम आदमी पार्टी की बात सीधे लोगों के दिल तक पहुंच रही है।

यह पदयात्रा भाजपा सरकार पर एसआईआर के नाम पर मतदाता सूची में गड़बड़ी करने, वोट काटने और खासकर गरीब, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों को वोट के अधिकार से वंचित करने की कोशिशों के खिलाफ जनजागरूकता अभियान है। संजय सिंह ने पदयात्रा के दौरान साफ शब्दों में कहा कि वोट सिर्फ एक अधिकार नहीं, बल्कि जनता की सबसे बड़ी ताकत है और इसी ताकत को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक पार्टी या चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लोकतांत्रिक अधिकारों को बचाने की लड़ाई है। अगर आज वोट पर हमला सफल हो गया, तो कल आम जनता की आवाज़ दबा दी जाएगी। आम आदमी पार्टी हर गांव, हर मोहल्ले में जाकर इस सच्चाई को सामने लाएगी और जनता को इस लड़ाई का पहरेदार बनाएगी।
संजय सिंह ने मौजूदा हालात पर सवाल उठाते हुए कहा कि बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याएं, स्कूलों और अस्पतालों की बदहाली जैसे असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए नफरत और डर की राजनीति की जा रही है। उन्होंने दोहराया कि आम आदमी पार्टी नफरत की नहीं, बल्कि काम, अधिकार और ईमानदार राजनीति की पार्टी है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को सबसे ऊपर रखती है।
पदयात्रा दूसरे दिन विभिन्न इलाकों से गुजरते हुए जनता से सीधा संवाद करती रही और शाम को इंशा गार्डन, चमोरा, रेलवे फाटक के पास, दलपतपुर, मुरादाबाद में रात्रि विश्राम के साथ समाप्त हुई। रास्ते भर सैकड़ों कार्यकर्ताओं, युवाओं, महिलाओं और स्थानीय लोगों ने पदयात्रा में शामिल होकर 'वोट बचाओ, संविधान बचाओ' आंदोलन को अपना समर्थन दिया।












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