बिहार: 'प्रेत' मांग रहा था महिला से 10 लाख की रंगदारी, पुलिस भी चकराई
इस रंगदारी की जांच-पड़ताल जब पुलिस के द्वारा की गई तो इसमें एक ऐसे व्यक्ति का नाम सामने आया जो आज से कई साल पहले इस दुनिया को अलविदा कह चुका था।
पटना। भूत-प्रेत का नाम सुनते ही लोग भगवान हनुमान के नामों का जाप करने लगते हैं। लेकिन जब खुद भूत-प्रेत ही हनुमान चालिसा की बात करें और रंगदारी में पैसे की मांग करें तो सामने वाले आदमी का हाल क्या होगा इसका अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं। लेकिन, आप सोच रहे होंगे कि आखिरकार भूत-प्रेत को पैसे की क्या जरुरत पड़ गई जो रंगदारी मांगने महिला के पास पहुंच गया। कंफ्यूज मत होइए हम आपको बताते हैं इस मामले की हकीकत।

पुलिस ने किया तीन लोगों को गिरफ्तार
यह मामला बिहार के बेगूसराय से सामने आया है जहां बरसों पहले मरे हुए व्यक्ति के द्वारा महिला से रंगदारी के नाम पर 10 लाख रुपए की मांग कर रहा था। इस रंगदारी की जांच-पड़ताल जब पुलिस के द्वारा की गई तो इसमें एक ऐसे व्यक्ति का नाम सामने आया जो आज से कई साल पहले इस दुनिया को अलविदा कह चुका था। मामला पेचीदा नजर आया और पुलिस इसकी बारिकी से जांच करने लगी। फिर इस मामले में मरे हुए व्यक्ति के नाम पर सिम लेते हुए रंगदारी की मांग की जा रही थी। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
एक महीने पहले दी गई थी महिला को धमकी
मिली जानकारी के अनुसार, बिहार के बेगूसराय की रहने वाली नगर पंचायत बलिया की मुख्य पार्षद चंपा देवी से आज से एक महीने पहले फोन पर धमकी देते हुए 10 लाख रुपए की मांग की गई थी। पैसा नहीं मिलने पर अंजाम भुगतने तथा बर्बाद करने की धमकी भी दी गई। धमकी मिलने के बाद महिला पुलिस के पास पहुंची और उसने मामले की जानकारी देते हुए प्राथमिकी दर्ज करवाई। पुलिस ने इस मामले पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच पड़ताल करने लगी।
मृतक के नाम पर चला रहे थे आरोपी सिम
जांच के दौरान पता चला कि जिस मोबाइल नंबर से धमकी दी गई वह नंबर आज से कई वर्ष पहले मरे हुए व्यक्ति के नाम पर था। मामले में मरे हुए व्यक्ति का नाम आने के बाद पुलिस बारिकी से इस मामले की जांच करने लगी जिसके दौरान पुलिस ने इस मामले में बड़ी बलिया के रहने वाले मिथुन कुमार, अनिल कुमार और मो. कासिम को रंगदारी के मोबाइल के साथ गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान इस मामले का खुलासा हुआ और सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया।
दुकानदार की मिली-भगत से ली सिम
वहीं, मामले की जानकारी देते हुए थाना अध्यक्ष त्रिलोक कुमार मिश्रा बताया कि जिस नंबर से रंगदारी की मांग की गई थी वह आज से कई वर्ष पहले मरे हुए बिंदेश्वरी चौधरी नामक व्यक्ति के नाम पर था। लेकिन आरोपियों के द्वारा फर्जी तरीके से दुकानदार की मिली-भगत से उनके नाम पर फर्जी सिम निकाला गया। फिर इस नंबर से बेखौफ होकर अपराधी रंगदारी मांगने के साथ-साथ लोगों को धमकी दिया करते थे। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान इन लोगों ने कई अन्य मामलों में अपनी संलिप्तता की बात बताई है हलांकि पुलिस इन सभी मामले की बारिकी से जांच की कर रही है।












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