लखनऊ: शव को 24 घंटे तक देते रहे ऑक्सीजन, निकाल ली किडनी
लखनऊ। आए दिन निजी अस्पताल पैसों के लालच में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करते रहते हैं। डाक्टरों की लापरवाही के चलते लखनऊ के न्यू यूनाइटेड हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर में एक मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई। डॉक्टरों पर ट्रीटमेंट में लापरवाही का आरोप लगते हुए परिजनों ने जमकर हंगामा किया। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शव को 24 घंटे तक वेंटीलेटर पर रखकर आक्सीजन देते रहे। हद तो तह हो गई जब इलाज के बहाने मरीज की किडनी निकाल ली।

मामला मडियांव रोड स्थित न्यू यूनाइटेड हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर का है। यहां 10 सितंबर को सीतापुर जिले के रामकोट थानाक्षेत्र के चिनहार गांव का रहने वाले रामचंद्र (55) पेट में दर्द की शिकायत के बाद भर्ती करवाया गया था। डाक्टरों ने पहले ट्रीटमेंट के लिए 20 हजार रुपए फीस जमा करवाई। करीब 1 हफ्ते तक हॉस्पिटल में मरीज का ट्रीटमेंट चला। इस दौरान परिजनों ने 50 हजार रुपए और जमा करवा लिए। रविवार सुबह अचानक डॉक्टरों ने पेशेंट को वार्ड से बाहर निकाल दिया। पूछने पर बताया गया कि उसकी मौत हो गई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मृतक की किडनी निकल ली है।
मृतक के बेटे नीरज का आरोप है, 'पिता के सीने में दर्द था। इलाज के बहाने किडनी के पास सर्जरी कर डाली। हालत बिगड़ने से उनकी मौत हुई है।' नीरज ने बताया कि रविवार सुबह करीब तीन बजे हालत गंभीर हुई और चार बजे मौत हो गई। स्टाफ ने उन्हें आइसीयू में शिफ्ट कर दिया। किसी को अंदर नहीं जाने दिया गया। मौत के बाद भी ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जा रहा था। उधर, स्टाफ बकाया बिल जमा करने का दबाव बनाने लगा। इलाज के नाम पर करीब 70 हजार रुपए जमा कराए गए।
मृतक के परिवार के मुताबिक ट्रीटमेंट के चक्कर में उन्हें 2 बीघा जमीन भी बेचनी पड़ गई। इस दौरान वे अस्पताल प्रशासन से मरीज को शिफ्ट करने की गुहार लगाते रहे लेकिन उन्होंने रेफर नहीं किया। वहीं अस्पताल के डॉक्टर आर रमेश के मुताबिक, 'पेशेंट की डेथ इलाज में लापरवाही से नहीं हुई है। उसे लीवर सिरोसिस की बीमारी थी।' मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर बवाल काटा। मामले में देर रात सीएमओ ने जांच लिए टीम गठित कर दी है।












Click it and Unblock the Notifications