Parul Chaudhary News: पारूल ने दोहा में दिखाया दम, रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन से वर्ल्ड चैंपियनशिप में बनाई जगह
Parul Chaudhary News: मेरठ की एथलीट पारूल चौधरी ने दोहा में आयोजित डायमंड लीग में 3000 मीटर स्टीपल चेज दौड़ में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया है। उन्होंने इस दौड़ को 9:13.39 मिनट में पूरा कर छठा स्थान हासिल किया और टोक्यो में होने वाली वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई कर लिया।
पारूल चौधरी मेरठ के इकलौते गांव की रहने वाली हैं। इससे पहले वे एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में देश के लिए स्वर्ण और रजत पदक जीत चुकी हैं। बुडापेस्ट 2023 वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी उन्होंने 3000 मीटर स्टीपल चेज दौड़ 9:15.31 मिनट में पूरी की थी, जो इस बार उनके बेहतर प्रदर्शन का संकेत है।

2024 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इस बार उन्होंने पेरिस 2024 रजत पदक विजेता युगांडा की पेरुथ चेमुताई को पीछे छोड़ते हुए छठा स्थान हासिल किया। उनके इस प्रदर्शन से 2025 के एथलेटिक्स सीजन की शुरूआत मजबूत नजर आ रही है।
पारूल का दौड़ के बाद बयान: मौसम और तैयारी का रहा असर
दौड़ के बाद पारूल ने मीडिया को बताया कि मौसम उनके लिए अनुकूल था और उनकी मेहनत का परिणाम अच्छा रहा। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए दो साल में पहली बार अच्छा सीजन-ओपनर था। उनका समय वर्ल्ड चैंपियनशिप के क्वालीफाइंग मानक 9:18.00 मिनट से काफी बेहतर रहा, जिससे उनकी टोक्यो मीट में जगह सुनिश्चित हो गई।
केन्या की फेथ चेरोटिच ने इस दौड़ में 9:05.08 मिनट के रिकॉर्ड समय के साथ जीत हासिल की। पारूल के प्रदर्शन से भारतीय एथलेटिक्स में उम्मीदें बढ़ी हैं और वे आगामी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार नजर आ रही हैं।
मेरठ की उड़न परी का सपना अब बड़ा
पारूल चौधरी का नाम अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक रहा है। टोक्यो में होने वाली वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उनकी भागीदारी भारतीय खेल जगत के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। वे निरंतर मेहनत कर रही हैं और आने वाले वक्त में और बेहतर प्रदर्शन करने की योजना बना रही हैं।
उनकी उपलब्धि न केवल मेरठ बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है। युवा खिलाड़ियों के लिए वे मिसाल हैं कि मेहनत और लगन से हर मंजिल पाई जा सकती है। पारूल की नजरें अब पेरिस 2024 और टोक्यो 2025 जैसे बड़े मंचों पर हैं।
पारूल की सफलता की कहानी
ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर पारूल ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाया है। उन्होंने एशियन चैंपियनशिप में पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की है। उनकी कड़ी मेहनत और मानसिक दृढ़ता उन्हें हर चुनौती से आगे बढ़ने में मदद करती है।
सरकार और खेल संस्थान भी उनका पूरा समर्थन कर रहे हैं। उनका लक्ष्य भविष्य में ओलंपिक मेडल जीतना है, जो देश के लिए गर्व की बात होगी। पारूल का सफर अब भी जारी है और वे नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार हैं।
पारूल अब टोक्यो वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए तैयार हो रही हैं। उनकी कोचिंग टीम उनकी फिटनेस और तकनीक पर काम कर रही है। अनुभव और इस बार के रिकॉर्ड प्रदर्शन से पारूल को आत्मविश्वास मिला है।












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