UP: बारिश न होने से धान की फसलें सूखने के कगार पर, किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में इन दिनों बारिश न होने से किसान परेशान हैं। इनकी परेशानी का कारण धान की फसलों का सूखना है। बारिश न होने से धान के खेत में दरारें पड़ गयी हैं। कुछ दिनों के अंदर बारिश नहीं हुई या फसलों को पानी नहीं मिला तो ये पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगी। कुछ किसानों ने बातचीत में अपनी समस्याओं और फसलों को बचाने के लिए क्या उपाय अपना रहे हैं इस पर चर्चा की।
फसलों को तत्काल पानी की आवश्यकता एक तरफ देश के कई राज्यों में बाढ़ के हालात हैं तो वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश न होने से धान की फसलें पानी बिना सूख रही हैं। धान की रोपाई होने के बाद फसलें कुछ बड़ी हो गयी हैं। इस समय धान की फसलों से घास,खरपतवार निकालने सोहनी की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में फसलों को तत्काल पानी की आवश्यकता है।

41 जिलों में सामान्य से कम बारिश
राज्य में ऐसे 41 जिलें ऐसे हैं जहां जून से अब तक सामान्य बारिश भी नहीं हुई हैं। 15 जिले ऐसे हैं जहां 60 से 80 प्रतिशत बारिश हुई है। 17 जिलों में 40 से 60 प्रतिशत बारिश हुई है। 9 जिलों40 प्रतिशत से भी कम बारिश हुई है।
27 जुलाई से 2 अगस्त तक कुछ हिस्सों में होगी बारिश उत्तर प्रदेश के कृषि अनुसंधान परिषद के फसल मौसम सतर्कता समूह की बैठक में यह जानकारी दी गयी है कि 27 जुलाई से 2 अगस्त तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के सिर्फ कुछ हिस्सों में ही बारिश होगी। इसके बाद प्रदेश के अन्य हिस्सों में हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है।
इन हिस्सों में हुई इतनी बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो जुलाई माह में पश्चिमी अंचल में सर्वाधिक 249.2 मिलीमीटर बारिश हुई है जो औसत से अधिक है। जबकि मध्य यूपी में औसत से कम 191.8 मिमी, बुंदेलखण्ड में 149.4, पूर्वी यूपी में 161.6 मिमी बारिश रिकार्ड की गयी है।
यह है जिलों की स्थिति
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, बांदा, मऊ,पीलीभीत, कुशीनगर, देवरिया,मीरजापुर, चंदौली, व कौशांबी में 40 प्रतिशत से कम बारिश हुई हैं। वहीं आगरा, सोनभद्र , ललितपुर,महराजगंज, गाजियाबाद,जौनपुर,अयोध्या, प्रतापगढ़, सीतापुर, भदोही, रायबरेली, गौतमबुद्ध नगर, बस्ती,चित्रकूट, महोबा, सुल्तानपुर, गोण्डा में 40 से 60 प्रतिशत बारिश हुई है। अन्य जिलों में 60 से 80 प्रतिशत बारिश हुई है।
किसानों का कहना महराजगंज के घुघली क्षेत्र के किसान धर्मेन्द्र का कहना है कि धान की फसल बारिश न होने से सूखने के कगार पर है। जो खेत नहर के किनारे हैं उनकी सिंचाई तो आसानी से हो जा रही है लेकिन जहां संसाधनों का अभाव है वहां समस्या है। गोरखपुर के पिपराइच क्षेत्र के किसान राम विलास कहते हैं कि एक दो दिन बारिश का और इंतजार करुंगा। बारिश नहीं हुई तो पंपिग सेट से पानी चलाऊंगा। हालांकि पंपिगसेट से पानी चलाना बहुत खर्चिला है लेकिन फसलों के लिए करना होगा।












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