बैठे-बिठाए योगी को सियासी मजबूती दे रहे हैं विपक्षी नेता
लखनऊ, 12 अगस्त: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ को विपक्ष बैठे बिठाए मुद्दा दे रहा है। एक तरफ प्रियंका गांधी पूरे यूपी में योगी सरकार के खिलाफ अभियान छेड़ रही हैं वहीं दूसरी ओर अखिलेश यादव समाजवादी विजय यात्रा के बहाने अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हुए हैं। इस बीच कई ऐसे मौके आए जब अखिलेश और प्रियंका की पार्टी ने योगी और बीजेपी को बैठे बिठाए मजबूत मुद्दा दे दिया जिससे योगी सरकार को उनके उपर हमला करना आसान साबित हो रहा है।

जिन्ना का जिक्र कर ध्रुवीकरण की राह आसान बनाई
अखिलेश ने अमित शाह के कैराना याद दिलाने के बाद अब हरदोई में जिन्ना का याद कर बीजेपी को उसी की भाषा में जवाब देने का प्रयास किया था। अखिलेश ने कहा था कि सरदार पटेलजी, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और जिन्ना एक ही संस्थान में पढ़कर बैरिस्टर बने। वे एक ही स्थान पर पढ़ते थे। वे बैरिस्टर बने, हमें आजादी दिलाई। वे किसी भी तरह के संघर्ष से पीछे नहीं हटे। एक विचारधारा थी जिसका सरदार पटेल जी ने विरोध किया था। हालांकि अखिलेश के जिन्ना का नाम लेने से बीजेपी ने उनके उपर पलटवार कर दिया। बीजेपी को इस मुद्दे में अपना फायदा दिख रहा है। वह लगातार जिन्ना के मुद्दे को गरमाए रखना चाहती है।

सलमान खुर्शीद की किताब से मजबूत हुआ हिंदुत्व का मुद्दा
पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने अपनी नई किताब 'सनराइज ओवर अयोध्या' से विवाद खड़ा कर दिया है, जिसमें उन्होंने "हिंदुत्व आंदोलन की तुलना ISIS और बोको हराम जैसे आतंकी संगठनों से की है। किताब में लिखे अंशों से पता चलता है कि कांग्रेस नेता ने हिंदुत्व के मुद्दे पर विभिन्न दृष्टिकोणों से टिप्पणी की है। अपनी पार्टी की बदलती विचारधारा से लेकर भाजपा के एजेंडे तक और कैसे राम मंदिर की मांग ने देश के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया, इन सबका जिक्र किया है। सलमान की इस किताब के सामने आने के बाद बीजेपी अब कांग्रेस से सफाई मांग रही है।

राशिद अल्वी के बयान ने और मजबूत किया मुद्दा
सलमान खुर्शीद के बाद अब कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने 'जय श्रीराम' को लेकर एक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने बिना नाम लिए बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। राशिद अल्वी ने कहा कि आजकल कुछ लोग जय श्री राम का नारा लगाकर देश के लोगों को गुमराह करते हैं। ऐसे लोगों से होशियार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भी बहुत लोग जय श्री राम का नारा लगाते हैं, वे सब मुनि नहीं वे निसिचर घोरा यानी (राक्षस) है। बीजेपी ने अब कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा है कि जयश्रीराम को राक्षस बताने वालों को हिन्दू समाज कभी माफ नहीं करेगा। हालांकि राशिद अल्वी ने बाद में अपने बयान पर अपनी सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकालने की कोशिश की गई।

कैराना पलायन का जिक्र योगी खेल रहे असली खेल
उत्तर प्रदेश में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ध्रुवीकरण की राजनीति का खेल खुरू हो गया है। तीन दिन पहले लखनऊ आए देश के गृहमंत्री अमित शाह ने यूपी की सियासत का रुख मोड़ने का प्रयास किया। शाह ने सपा शासन में हुए कथित पलायन को मुद्दा बनाया और अखिलेश पर वार किया। शाह ने कहा कि पहले जिनकी वजह से पलायन हो रहा था अब वही लोग पलायन करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। इसका जवाब हरदोई में अखिलेश यादव ने रविवार को अपनी रैली में दिया और कहा कि महात्मा गांधी, सरदार वल्लभाई पटेल, जवाहरलाल नेहरू की तरह ही मुहम्मद अली जिन्ना की विचारधारा भी वही थी जिन्होंने भारत की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी थी।












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