कांग्रेस की महिला कार्ड की काट के लिए अब घर-घर जाएंगी मुस्लिम महिलाएं, जानिए RSS की पूरी प्लानिंग
लखनऊ, 23 दिसंबर: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने एक बड़ा चुनावी दांव खेलते हुए महिलाओं को विधानसभा टिकटों में चालीस फीसदी आरक्षण देने का ऐला किया है। इसके साथ ही प्रियंका ने महिलाओं के लिए लड़की हूं लड़ सकती हूं अभियान शुरू किया है। प्रियंका के इस दांव की गंभीरता को समझते हुए अब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने एक मास्टर प्लान तैयार किया है जिसके तहत राष्ट्रीय मुस्लिम मंच से जुड़ी महिलाएं योगी और मोदी की योजनाओं का प्रचार करने के लिए यूपी में घर घर जाएंगी। महिलाओं को यह टास्क दिया गया है कि वो दोनों सरकारों की विकास की योजनाओं का जिक्र करते हुए उनसे भाजपा के पक्ष में वोट करने की अपील करेंगी।

हर चुनाव में मुस्लिम महिला मतदाता बढ़-चढ़कर करती हैं वोटिंग
राष्ट्रीय मुस्लिम मंच (एमआरएम) से जुड़े एक पदाधिकारी ने बताया कि दिल्ली में महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आगामी उत्तर प्रदेश सहित सात राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गयी। उत्तर प्रदेश के मतदाताओं में अल्पसंख्यक समुदायों की हिस्सेदारी करीब 20 फीसदी है। एमआरएम अधिकारियों के मुताबिक मुस्लिम महिलाओं का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति लगाव जगजाहिर है। पिछले विधानसभा चुनाव 2017 में महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में चार फीसदी अधिक मतदान किया था, उसमें भी मुस्लिम महिलाएं आगे थीं।

प्रियंका के महिला कार्ड को काटने का प्रयास
कांग्रेस पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा 'लड़की हूं लड़ सकती हूं' के साथ चुनावी मैदान में हैं। इस नारे पर तंज कसते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि लड़ने से लड़ने का अहसास होता है। मैं लड़ता रहता तो अच्छा होता। एमआरएम महिला विंग की संयोजक शालिनी अली कहती हैं कि, ''योगी सरकार की मंशा एक हाथ में कुरान और दूसरे हाथ में कंप्यूटर की है। इसकी जानकारी सभी को दी जाएगी। बैठक में योगी आदित्यनाथ के जीवन, दर्शन, राजनीति और अन्य पहलुओं पर प्रकाश डालने वाली पुस्तक दास्तान-ए-योगी का भी विमोचन किया गया।

प्रियंका ने पांच करोड़ महिला मतदाताओं तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी दोबारा खड़ा होने के लिए हर संभव जतन करने में जुटी हुई है। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने हाल ही में यह ऐलान किया था कि यूपी में चालीस फीसदी टिकट महिलाओं को दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं के लिए कई अन्य घोषणाएं भी की थीं। लेकिन अब कांग्रेस ने महिलाओं ने तक पहुंचने के लिए नया प्लान तैयार किया है। पार्टी सूत्रों की माने तो कांग्रेस अपनी "महिला केंद्रित" रणनीति के साथ पूरी ताकत से काम करेगी क्योंकि उसकी योजना अगले दो महीनों में उत्तर प्रदेश में 5 करोड़ महिला मतदाताओं तक पहुंचने की है। उत्तर प्रदेश में यह व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम कांग्रेस के "लड़की हूं, लड़ सकती हूं" अभियान का हिस्सा है।

यूपी में महिला मतदाताओं की तादाद 46 फीसदी
दरसअल चुनावी आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश के मतदाताओं में लगभग 46 प्रतिशत महिलाएं हैं। 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में पुरुषों (59.5%) की तुलना में अधिक महिलाओं (63.25%) ने मतदान किया। जुलाई 2021 में हुए पंचायत चुनावों में लगभग 53.7 प्रतिशत महिला उम्मीदवार सफल रहीं। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी धीरज गुजर कहते हैं कि धीरे-धीरे, लेकिन निश्चित रूप से, राज्य में महिलाएं मूक प्रमुख मतदाताओं के रूप में उभरी हैं। अधिक महिलाएं अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग करने के लिए मतदान केंद्रों पर निकल रही हैं। साथ ही, प्रियंका गांधी को लगता है कि समाज और राजनीति में बदलाव लाने के लिए हमें और अधिक महिलाओं को सक्रिय राजनीति में लाने की जरूरत है।












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