अगर ताजमहल का करना चाहते है दीदार तो आगरा आने से पहले जरूर पढ़ लें यह खबर
आगरा। अगर आप ताजमहल का दीदार करना चाहते है और आगरा आ रहे है तो यह खबर आपके लिए बेहद जरुरी है। दरअसल, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण टिकटों की नई व्यवस्था गुरुवार से लागू कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत अब ताजमहल के दीदार के लिए केवल पांच हजार लोगों को ही अनुमति मिलेगी। यानि सुबह को 1500 सैलानी औऱ शाम को 3500 सैलानी ही आ सकेंगे। बता दें कि इससे पहले सुबह-शाम 2500-2500 को प्रवेश की अनुमति थी।

दरअसल, घने कोहरे के कारण सुबह के वक्त सैलानियों की संख्या में कमी आई है। तो वहीं, शाम की संख्या 2500 से ज्यादा थी, इसलिए बड़ी संख्या में सैलानी ताज का दीदार नहीं कर पा रहे थे। इसे देखते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने टिकटों की नई व्यवस्था गुरुवार से लागू कर दी है। आपको बता दें कि इससे पहले टिकटों की कालाबाजारी रोने के लिए ऑनलाइन बुकिंग के साथ आधार अनिवार्य किया गया था।
पर्यटकों की मुश्किलें हुई कम
इस नई व्यवस्था से पर्यटकों की मुश्किलें कम हुई है। दरअसल, ताजमहल पहुंचे सैलानी ने गुरुवार की शाम को पांच बजे टिकट बुक करने का प्रयास किया तो पता चला कि सिर्फ आठ टिकटें बुकिंग के लिए बाकी थीं। बाकी बिक चुकी थीं। यानि शाम के स्लॉट के लिए केवल 2500 टिकटें थी, जो दोपहर में ही बिक जाती थीं। इसके बाद सैलानियों को टिकट नहीं मिल पाते थे। तो वहीं, अब शाम को टिकटों की संख्या बढ़ाकर 3500 कर दिया गया है, जिससे पर्यटकों की मुश्किलें कम हुई हैं।
संस्कृति मंत्रालय स्तर से ही टिकटों का बदलाव हुआ तय
एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि संस्कृति मंत्रालय स्तर से ही टिकटों का बदलाव तय हुआ है। यह टेस्टिंग फेज में है। इसके परिणाम के आकलन के बाद अंतिम संख्या तय की जाएगी। हालांकि, पर्यटन संगठन आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चैंबर के अध्यक्ष प्रहलाद अग्रवाल ने केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल से सुबह 35 फीसदी और शाम को 65 फीसदी पर्यटकों को प्रवेश की अनुमति देने की मांग की थी, जिसके बाद एएसआई ने यह बदलाव शुरू किया। तो वहीं, एएसआई की ऑनलाइन टिकट वेबसाइट पर टिकटों की संख्या निर्धारित कर दी गई है।












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