'...ये अच्छा नहीं, बदली जाए मुगलों की निशानी', गिरिराज सिंह ने उठाई मुजफ्फरनगर का नाम बदलने की मांग
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मुजफ्फरपुर के नाम को मुगलों की निशानी बताया। उन्होंने कहा कि आजादी के 75 साल हो गए अब हमें नाम बदलकर निशानी मिटाने की जरूरत है।

केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह शुक्रवार को अपने संबोधन में मुजफ्फरपुर का नाम लेने का इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि ये मुगलों की निशानी है। ये नाम अच्छा नहीं लगता। भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरे हो गए लेकिन मुगलों की निशानी जिले का नाम बना हुआ है। इसे अब बदलने की जरूरत है।
केंद्रीय मंत्री मुजफ्फरनगर बोले बिना कहा कि वो जिले का नाम नहीं लेना चाहते। मंत्री ने आगे कहा, "ये धरती किसानों की राजधानी है। हालांकि ये उचित नहीं है कि वे इसका नाम भी ना बोलें। अब यहां का नाम बदल देना चाहिए। अंग्रेजों से देश को आजाद होने के 75 वर्ष बाद भी यहां मुगलों की निशानी बाकी है। इसका नाम जो भी हो लेकिन 75 साल में मुगलों की निशानी को मिटाना चाहिए।"
यूपी के मुजफ्फरनगर में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह शुक्रवार को पहुंचे थे। वे नुमाइश मैदान में चल रहे दो दिवसीय पशु प्रदर्शनी और कृषि मेले के समापन समारोह में शामिल हुए। इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यह जिला किसानों की राजधानी है और लोगों से सवाल पूछा कि शहर का नाम क्या है? इसके बाद उन्होंने कहा कि वे बोल भी नहीं सकते कि वह किस शहर में आए हैं।
पशु प्रदर्शनी और कृषि मेले में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आगे कहा कि किसानों के बगैर देश की कल्पना संभव नहीं है। जब किसानों की चर्चा करता हूं तो लाल बहादुर शास्त्री का नाम लिए बगैर नहीं रह सकता। केंद्रीय मंत्री ने मंच से शहर का नाम बदलने की मांग उठाई। इसके बाद उन्होंने जय श्रीराम का नारा लगवाया।
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