गोरखनाथ मठ में योगी आदित्यनाथ के किचन से लेकर गायों तक का ख्याल रखते हैं मुस्लिम
करीब 20 साल से मंदिर परिसर पर चूड़ियों की दुकान चलाने वाले मोहम्मद मुस्तकीम ने कहा, 'मंदिर परिसर पर बहुत से मुस्लिम परिवार सालों से रोजी कमा रहे हैं। उनके साथ कभी कोई भेदभाव नहीं हुआ।'
गोरखपुर। यूपी के मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ की छवि कट्टर हिंदूवादी नेता की मानी जाती है लेकिन उनके गोरखनाथ मठ के अंदर का माहौल कुछ और ही है। बीते 35 सालों में जिस शख्स ने मठ के अंदर निर्माण कार्य को देखने की जिम्मेदारी निभाई है वो एक मुस्लिम है। यही नहीं, उस शख्स के पास मठ के खर्चों का हिसाब रखने की भी जिम्मेदारी है।

'योगी के साथ खाना हूं खाना'

'योगी जी ने कभी नहीं किया भेदभाव'

यासीन के परिवार के लोग भी मठ से जुड़े थे
करीब 20 साल से मंदिर परिसर पर चूड़ियों की दुकान चलाने वाले मोहम्मद मुस्तकीम ने कहा, 'मंदिर परिसर पर बहुत से मुस्लिम परिवार सालों से रोजी कमा रहे हैं। उनके साथ कभी कोई भेदभाव नहीं हुआ।' यासीन ने बताया कि उनके पिता के बड़े भाई महंत दिग्विजयनाथ के समय मठ आए थे और किचन में काम करते थे। उन्होंने कहा, 'मेरी सास हमीदा बेगम किचन की सुपरवाइजर थीं और ससुर बगीचे का काम देखते थे। मैं 1977 से 83 तक मंदिर का कैशियर रहा हूं और 1984 के बाद से मैं मंदिर के निर्माण कार्य का सुपरवाइजर हूं।' READ ALSO: ..तो 7 महीने पहले ही शुरू हो गई थी योगी को यूपी में CM बनाने की तैयारी?

मंदिर के पहले इंजीनियर भी थे मुस्लिम
मंदिर के पहले इंजीनियर निसार अहमद थे। बाद में वह महाराणा प्रताप पॉलिटेक्निक के प्रिंसिपल बन गए। उन्होंने कहा, 'मैं मंदिर का इंजीनियर था। साधना भवन, यात्री निवास, हिंदू सेवाश्रम, मंदिर की दुकानें, गोरखनाथ अस्पताल की नई बिल्डिंग, संस्कृति विद्यालय, राधा कृष्ण मंदिर, शंकर मंदिर, विष्णु मंदिर, हनुमान मंदिर और अन्य मंदिरों के डिजाइन भी मैंने दिए। अब मैं रिटायर हो चुका हूं।'

मंदिर में गायों की देखभाल करने वाला भी है मुस्लिम
योगी को गायों से प्रेम है और मंदिर में करीब 400 गायें हैं। उनके मुख्य केयरटेकर एक मान मोहम्मद हैं। उन्होंने बताया, 'पहले मेरे पिता गायों की देखभाल करते थे, बाद में मैंने काम संभाल लिया। मैं तीन बजे उठता हूं और सारा काम देखता हूं। छोटे महाराज हम सब का ध्यान रखते हैं।'












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