तालिबान से महर्षि वाल्मीकि की तुलना कर घिरे मुनव्वर राना, FIR दर्ज, कहा- 'यहां अफगानिस्तान से अधिक...'
तालिबान से महर्षि वाल्मीकि की तुलना कर घिरे मुनव्वर राना, लखनऊ में FIR दर्ज, कहा- 'यहां अफगानिस्तान से अधिक...'
लखनऊ, 21 अगस्त: मशहूर शायर मुनव्वर राना अक्सर अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। इस बार उन्होंने महर्षि वाल्मीकि की तुलना तालिबान से की है। जिसको लेकर मुनव्वर राना के खिलाफ लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। मुनव्वर राना के खिलाफ कई गंभीर धारओं में केस दर्ज हुआ था। मुनव्वर राना पर एससी/एसटी एक्ट, धार्मिक भावनाओं को भड़काने, दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने के आरोप लगे हैं। मुनव्वर राना ने गुरुवार (19 अगस्त) को एक निजी चैनल से बातचीत करते हुए महर्षि वाल्मीकि की तुलना तालिबान की थी। आंबेडकर महासभा ने मुनव्वर राना के तालिबान और वाल्मीकि की तुलना वाले बयान की आलोचना की है और नाराजगी जताई है।
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'तालिबान उतने ही आतंकी हैं, जितने रामायण लिखने वाले वाल्मीकि'
शायर मुनव्वर राना ने टीवी चैनल न्यूज नेशन से बातचीत में कहा, 'आज तालिबान उतने ही आतंकी हैं, जितना कभी रामायण लिखने वाले वाल्मीकि थे।' क्या तालिबान एक आतंकी संगठन है? इस सवाल के जवाब में मुनव्वर राना ने कहा, अगर वाल्मीकि रामायण लिखते हैं तो वह देवता बन जाते हैं, उससे पहले वह डाकू थे, आदमी का किरदार बदलता रहता है। वाल्मीकि रामायण लिखने के बाद भगवान बने हैं। इससे पहले तो वह एक डाकू थे। व्यक्ति का चरित्र बदल सकता है। इसी तरह, तालिबान, अभी के लिए आतंकवादी हैं, लेकिन लोग और चरित्र बदल जाते हैं।"

'वाल्मीकि के बारे में बात करते हैं, तो उसके अतीत के बारे में भी कहना होगा'
शायर मुनव्वर राना ने कहा, '' जब आप वाल्मीकि के बारे में बात करते हैं, तो आपको उसके अतीत के बारे में बात करनी होगी। अपने धर्म में आप किसी को भी भगवान बनाते हैं। लेकिन वह सिर्फ एक लेखक था और उसने लिखा था रामायण, लेकिन हम यहां प्रतिस्पर्धा में नहीं हैं।'' मुनव्वर राना ने कहा, ''आज के वक्त में हमें अफगानी अच्छे लगते हैं, आने वाले 10 सालों में वह हमारे लिए वाल्मीकि जैसे हो जाएंगे।''

'अफगानिस्तान जितनी क्रूरता तो हमारे यहां भी है...'
शायर मुनव्वर राना इससे पहले अपने एक बयान में कहा था कि अफगानिस्तान जितनी क्रूरता आप देख रहे हैं, उतनी तो हमारे यहां पर भी है। पहले भारत में रामराज था लेकिन अब सब बदलकर कामराज हो गया है। तालिबान के पास जितनी एके-47 नहीं होगी, उतनी तो हमारे हिन्दुस्तान में माफियाओं के पास हैं। तालिबान को हथियार छीनकर और मांगकर जुटा रहे हैं लेकिन हमारे यहां तो माफिया हथियारों को खरीदते हैं। मुनव्वर राना ने कहा, त्तर प्रदेश में भी थोड़े बहुत तालिबानी हैं, यहां सिर्फ मुसलमान ही नहीं बल्कि हिंदू तालिबानी भी होते हैं।












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