Mukhtar Ansari: मशीन गन की 1 करोड़ की डील ने हिला दी थी यूपी की सियासत, ऐसे बचाया था मुलायम सिंह ने
Mukhtar Ansari: उत्तर प्रदेश की बांदा जेल से इस बीच सनसनी खबर सामने आई है। बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की गुरुवार रात मौत हो गई। उनकी मौत से हड़कंप मच गया है। अपने जमाने में मुख्तार अंसारी का नाम कुख्यात गैंगस्टर में शुमार था। उनसे संबंधित कई कहानियां हैं।
लाइट गन मशीन (LGM) खरीदने का मामला काफी चर्चा में रहा। उन्होंने जनवरी 2004 में कृष्णानंद राय को मारने के लिए सेना की लाइट मशीन गन खरीदने की योजना बनाई थी। इसके लिए उन्होंने आर्मी के एक भगोड़े से डील भी की थी। चुराई गई लाइट मशीन गन खरीदने की डील एक करोड़ रुपये में हुई थी।

यह मामला काफी तूल पकड़ा था। फोन टैपिंग में मुख्तार अंसारी का नाम सामने आया था। जिसमें बाबूलाल मुख्तार से कह रहा था कि मेरे पास सेना से चुराई हुई लाइट मशीन गन है। उन्होंने बताया था कि राष्ट्रीय राइफल से चुराई गई गन है, उससे लेकर आया हूं।
मुख्तार अंसारी की फोन रिकॉर्डिंग और मशीन गन की बरामदगी से पुलिस को बड़ी सफलता मिली थी। पुलिस को इतना हौसला मिला था कि उन्हें लगने लगा था कि अब मुख्तार अंसारी के दिन खत्म हो गए हैं। क्योंकि ये अपराध बहुत ही संगीन थे, उन्हें सख्त सजा होनी थी, लेकिन मुलायम सिंह यादव ने केस ही रद्द करा दिया।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने आर्म्स एक्ट के साथ मामला दर्ज किया था। इसके साथ ही पोटा भी लगाया था। लेकिन इसकी जानकारी मुख्तार अंसारी को हो गई थी। उस समय बाहुबली नेता काफी शक्तिशाली था। मुख्तारी के साथ-साथ वो सरकार भी चलाते थे। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी को तोड़कर समाजवादी पार्टी की सरकार बनवा दी थी। मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री बने थे।
मुलायम सिंह यादव उन्हें बचाने के लिए केस ही रद्द करवा दिया। जिसके बाद मुख्तार अंसारी बच गए। उन्हें सजा नहीं मिली। मुख्तार अंसारी के खिलाफ कई संगीन धाराओं में मामला दर्ज है। लेकिन आज मुख्तार का मुख्तारी अध्याय समाप्त हो गया।












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