दिल्ली में भाजपा की मीटिंग में योगी आदित्यनाथ को बोलने नहीं दिया गया!
सांसद योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में पार्टी की कार्यकारिणी समिति में उन्हें नहीं बोलने दिए जाने का मुददा काफी चर्चा में है। इस बात से योगी काफी नाराज भी हैं।
गोरखपुर। सांसद योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में पार्टी की कार्यकारिणी समिति में उन्हें नहीं बोलने दिए जाने का मुददा काफी चर्चा में है। इस बात से योगी काफी नाराज भी हैं। मीटिंग से अपने क्षेत्र वापस लौटने पर योगी ने कहा कि वो बिलकुल भी नाराज नहीं हैं। उनका कहना है कि उनके बारे में बेबुनियादी अफवाह उड़ाई गई है। योगी ने कार्यकारिणी की बैठक में हिस्सा लिया था। जहां उन्होंने अपनी बातों को बे-झिझक रखा था। जिसके बाद वह गोरखपुर लौटे। बैठक समाप्त होने के दौरान योगी ने कहा कि हम लोग उत्तर प्रदेश के चुनाव में हैं और लोग भारतीय जनता पार्टी को समाजवादी पार्टी बनाने में लगे हैं। ये भी पढ़ें:महंत आदित्यनाथ ने कहा, 'लोग भूख से मर रहे हैं और सरकार आपस में लड़ रही है'

प्रचार समिति में योगी को नहीं रखे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रचार समिति में प्रदेश संगठन के लोग रहेंगे और हम लोगों को जहां काम करना है हम लोग वहां पर काम करेंगे। उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी में मचे दंगल और मुलायम सिंह यादव द्वारा आजम खान को मुख्यमंत्री के लिए प्रोजेक्ट किए जाने के सवाल पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। केवल प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए समाजवादी पार्टी यह ड्रामा कर रही है। जानबूझ कर पारिवारिक विवाद में प्रदेश की समस्याओं को दबाया जा रहा है।
पिछले साढ़े चार-पांच वर्षों के दौरान प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व की सरकार के निकम्मेपन के कारण हुए दंगे, कानून व्यवस्था की बदहाल स्थिति, इनके आयोगों को हाई कोर्ट के द्वारा बर्खास्त किया जाना, इन सभी मुद्दों को दबाया जा रहा है और इन सब बातों को देख करके अफसोस होता है कि एक परिवार का विवाद 25 करोड़ की आबादी की सुविधा और सुरक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। यह सरकार के उन पापों को छुपाने की चेष्टा है और कुछ नहीं है। ये भी पढ़ें: योगी आदित्यनाथ को सीएम कैंडिडेट बनाने के लिए बीजेपी मुस्लिम मोर्चा ने जारी किया पोस्टर












Click it and Unblock the Notifications