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पुलिस कस्टडी में पिटाई से दलित की मौत मामले में दरोगा और सिपाही को 10-10 साल की सजा

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    मिर्जापुर। पुलिस कस्टडी में पिटाई से हुई दलित की मौत के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससीएसटी भगवती प्रसाद सक्सेना ने तत्कालीन चौकी प्रभारी पटेहरा कला उप निरीक्षक राजाराम यादव, कांस्टेबल वरीसन प्रसाद एंव ग्रामीण नेबुल कोल को 10-10 वर्ष की कड़ी कैद की सजा एंव साढ़े छह हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

    mirzapur 10 years punishment for policemen in case of dalit death by beating in police custody

    2013 में हुई थी मौत
    अभियोजन पक्ष से मुकदमे की पैरवी अभियोजन अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने की। अभियोजन के अनुसार, मड़िहान थाना क्षेत्र के ग्राम सभा ग्रामपुर निवासिनी निशा देवी ने आठ जुलाई 2013 को थानाध्यक्ष मड़िहान को इस आशय की तहरीर दी थी कि उसके पति महेश कुमार कोल को गांव के ही नेबुल कोल के इशारे पर चौकी प्रभारी पटेहरा राजाराम यादव व कांस्टेबल वरीसन प्रसाद ने इस कदर पीटा कि पुलिस कस्टडी में ही उसकी मौत हो गई। इसके आधार पर आरोपितों के खिलाफ थाना मड़िहान में रिर्पोट दर्ज कर कार्रवाई की गई।

    12 लोगों ने कोर्ट में दी गवाही
    विवेचना के बाद मड़िहान पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 12 गवाहों को कोर्ट के समक्ष पेश कराया गया। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों एंव गवाहों के बयान को देखते हुए सजा सुनाई गई। जिसमें तीनों आरोपितों को 10-10 वर्ष की सजा के साथ जुर्माना भी लगाया गया।

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    English summary
    mirzapur 10 years punishment for policemen in case of dalit death by beating in police custody

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