कलयुगी मां ने अपने शरारती बच्चे को सबक सिखाने के लिए दी ऐसी खौफनाक सजा
मिर्जापुर। बच्चे की साइकिल तोड़ने की शिकायत पर गुस्से में मां ने बच्चे को कमरे में बंद कर आग के हवाले कर दिया। इसके बाद बच्चे का सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। बच्चे की हालत ठीक बताई जा रही है। मामला मिर्जापुर जिले के चुनार थाना क्षेत्र के रैपुरिया गांव का है। समय रहते लोगों ने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो मासूम के साथ कुछ भी हो सकता था। हालांकि पड़ोसियों के समय रहते पहुंच जाने के कारण बालक की जान बच गई।

पड़ोसी की साइकिल क्षतिग्रस्त कर दी
महिला का नौ वर्षीय पुत्र प्रदीप खेल खेल में पड़ोसी के घर जा पहुंचा और उसकी साइकिल को क्षतिग्रस्त कर दिया। जिससे आक्रोशित पड़ोसी ने महिला से उसके पुत्र की शिकायत की। साथ ही साइकिल क्षतिग्रस्त करने के जुर्माने के रुप में दो सौ रुपया भी ले लिया। पड़ोसी कांता के इस उलाहने से मां का गुस्सा अपने पुत्र के प्रति इस तरह से भड़का की उसने मासूम को कमरे में बंद कर दिया। कमरे में बंद कर मिट्टी का तेल डाल कर आग के हवाले कर दिया।
चीख सुनकर पहुंचे पड़ोसी
बालक की चीख पुकार और कमरे से धुआं उठता देख पड़ोसी दौड़े। ग्राम प्रधान संजय सिंह के सहयोग से झुलसे बालक प्रदीप को उसमें से निकाल कर स्थानीय अस्पताल में पहुंचाया। महिला के पांच बच्चे हैं। उसका पति नदी से मछली पकड़कर आजीविका चलाता है। आग से झुलसे बच्चे का चुनार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज चल रहा है।
पुलिस ने तहरीर मिलने पर कार्रवाई की बात कही
चुनार प्रभारी निरीक्षक ने बताया मां के द्वारा आक्रोश में बालक को जलाने की घटना सही है लेकिन वह अधिक नहीं झुलसा है। उसका उपचार चल रहा है। बताया जा रहा है पड़ोसी कि शिकायत मां को नागवार गुजरी इस लिए गुस्से में उसने यह कदम उठाया। मां कि खिलाफ कोई तहरीर नहीं है। परिजन तहरीर देंगे तो कार्रवाई होगी।












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