• search
For uttar-pradesh Updates
Allow Notification  

    धर्म से हैं मुस्लिम लेकिन हिंदू कांवड़ियों के लिए कांवड़ बनाता है ये परिवार

    |

    मेरठ। हिन्दू मुस्लिम और जाति बिरादरी केवल राजनीति के लिए सरहद हो सकती है, लेकिन उन लोगों के लिए तो कोई सरहद नहीं है जो इन सबसे उठ कर प्रेम भाईचारे से रहते है। अपने परिवार के पालने के लिए वो काम करते है जो दुसरे के धर्म पर टिका है। मेरठ में कुछ इस तरह के परिवार है जो कांवड़ बनाकर दो वक्त की रोटी का प्रबंध करते है। उनका रोजगार केवल इस कांवड़ पर टिका है उनके हाथ से बानी कावड़ मेरठ में नहीं दुसरे शहरों में क्या दूसरे राज्यों में बेची जाती है।

    Meerut Muslim family preparing kanwars for Yatra

    मेरठ के रहने वाले शराफत जो रंग बिरंगी कावड़ बनाने का काम पिछली तीन पीढ़ियों से करते आ रहे है। सरताज का कहना है ये हमारी रोजी रोटी है कावड़ के साथ रावण भी बनने का काम करते है। घर की महिलाएं कांवड़ बनाने का काम करती है। इन्होंने मेरठ में ही नहीं हरिद्वार में भी कावड़ बनने की दुकान खोल रखी है।

    मोहम्मद सरताज की भी करीब पांच पीढ़िया कावड़ बनाने का काम करती है। भगवान् श्री राम और श्री कृष्ण की झांकिया भी बनाते है। उनका कहना है कि हमारा गैर धर्म काम है लेकिन किसी उलेमा या राजनेता से कोई लेना देना नहीं है यह हमारी रोजी रोटी का साधन है।

    More uttar-pradesh NewsView All

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Meerut Muslim family preparing kanwars for Yatra
    For Daily Alerts

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more