मनीष हत्याकांड:मायावती ने की CBI जांच की मांग, कहा-FIR दर्ज, लेकिन नहीं हुई दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी
मनीष हत्याकांड:मायावती ने की CBI जांच की मांग, कहा-FIR दर्ज, लेकिन नहीं हुई दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी
लखनऊ, 30 सितंबर: कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की गोरखपुर में हुई संदिग्ध मौत के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। एक तरफ जहां गुरुवार को सपा अध्यक्ष व पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने मनीष के परिजनों से मुलाकात की। तो वहीं, बीएसपी अध्यक्ष व यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने दोषी पुलिसकर्मियों को बचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए है। साथ ही सीबीआई जांच की मांग की है।
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पूर्व सीएम मायावती ने गुरुवार 30 सितंबर को दो ट्वीट किए है। मायावती ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'यूपी सीएम के गृह जनपद गोरखपुर की पुलिस द्वारा तीन व्यापारियों के साथ होटल में बर्बरता व उसमें से एक की मौत के प्रथम दृष्टया दोषी पुलिसवालों को बचाने के लिए मामले को दबाने का प्रयास घोर अनुचित। घटना की गंभीरता व परिवार की व्यथा को देखते हुए मामले की सीबीआई जांच जरूरी।'
वहीं, दूसरे ट्वीट में मायावती ने कहा, 'आरोपी पुलिसवालों के विरूद्ध पहले हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं करना किन्तु फिर जन आक्रोश के कारण मुकदमा दर्ज होने के बावजूद उन्हें गिरफ्तार नहीं करना सरकार की नीति व नीयत दोनों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। सरकार पीड़िता को न्याय, उचित आर्थिक मदद व सरकारी नौकरी दे, बीएसपी की यही मांग है।' तो वहीं, गोरखपुर में पुलिस की बर्बर पिटाई में जान गंवाने वाले मृतक व्यापारी मनीष गुप्ता के शोकाकुल परिजनों से संवेदना जताने कानपुर में उनके निवास पर अखिलेश यादव पहुंचे।
रिपोर्ट लिखने से भी किया मना
मनीष गुप्ता के परिजनों को सांत्वना देने गुरुवार को उनके घर पहुंचे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को बताया कि 'हम लोगों की रिपोर्ट लेने से मना कर दिया गया था। इसलिए हम लोगों को बहुत देर लगी। हम लोगों ने कहा डेड बॉडी का सम्मान करो, लेकिन सभी पुलिस वाले एक तरफ थे।'












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