यूपी चुनाव के लिए मंडली ने जारी किया घोषणा पत्र, कहा- 'इस बार भी कुछ नहीं बदलेगा'

लखनऊ। उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव दूसरे चरण में है। सभी सियासी दलों का घोषणापत्र जनता के बीच पहुंच गया है। लोगों के हाथों में, चाय की दुकान पर, घर के भीतर या फिर घरों के बाहर बने चबूतरों पर इन घोषणपत्रों को देखा जा सकता है। जनता हर बार की तरह इस बार भी इन घोषणपत्रों को एक नजर देख रही है और अलग रख दे रही है तो कुछ उत्सुक नवयुवा इन घोषणापत्रों को पढ़ रहे हैं और अपने साथियों से चर्चा कर रहे हैं।
यूपी चुनाव के लिए मंडली ने जारी किया घोषणा पत्र, कहा- 'इस बार भी कुछ नहीं बदलेगा'
इस बीच राजधानी से सोमवार को एक और घोषणापत्र जारी हुआ है। जो अनोख है। इस घोषणापत्र में लिखा है- 'मैं नोटा बोल रहा हूं ! सबके घोषणापत्र सियासी रणभूमि में है, सबके वादे जुबान पर, देख ली सड़कों से लेकर संसद तक भागती इनकी गाड़ियां, खूब सुने इनके जुबानी दावे, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी कुछ नहीं बदलेगा'।

कौन है इस घोषणापत्र को जारी करने वाले लोग

इस घोषणापत्र को जारी करने वाले लोग खुद को 'नोटा मित्र' कहते हैं। 'नोटा मित्र' मंडली में राजधानी के रहने वाले टीचर, अधिवक्ता और पत्रकार तक जुड़े हुए हैं। इस टीम ने पिछले साल लखनऊ में फैली मच्छर जनित बिमारी डेंगू के समय लोगों की मदद करने के साथ ही प्रशासन के खिलाफ भी मोर्चा खोला था।

यूपी चुनाव के लिए मंडली ने जारी किया घोषणा पत्र, कहा- 'इस बार भी कुछ नहीं बदलेगा'

चुनाव आयोग के खिलाफ हाईकोर्ट गए 'नोटा मित्र'

पेशे से अंग्रेजी के अध्यापक मंडली के संयोजक के अरविंद शुक्ल कुछ दिनों पहले हाईकोर्ट में नोटा के प्रचार-प्रसार को लेकर एक अरविंद ने कहा था कि चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी कर रहा है और नोटा का प्रचार नहीं कर रहा है। जिस पर हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा था और सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन को ध्यान में रखते हुए नोटा का प्रचार करने का आदेश दिया था।

यूपी चुनाव के लिए मंडली ने जारी किया घोषणा पत्र, कहा- 'इस बार भी कुछ नहीं बदलेगा'

ऐसा घोषणा पत्र क्यो?

इस बारे नोट मित्र के सदस्य अनुराग कहते हैं कि 'तमाम सियासी दल हर बार अपना घोषणापत्र जारी करते हैं।' जिसमें वह बड़े-बड़े वायदे करते हैं और उन्हें पूरा नहीं करते हैं, इसलिए इस बार हमने नोटा का घोषणापत्र जारी किया है।' अनुराग कहते हैं कि 'इस घोषणापत्र के जारी करने का उद्देश्य लोगों को नोटा के प्रति जागरुक करना है।' उनका कहना है कि 'इससे नोटा का प्रयोग ज्यादा होगा, जिससे हमारे नेताओं के मन में भय होगा और अपने क्षेत्रों में काम करेंगे।'
यूपी चुनाव के लिए मंडली ने जारी किया घोषणा पत्र, कहा- 'इस बार भी कुछ नहीं बदलेगा'
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+