राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर 7 दिन से अनशन पर बैठे संत परमहंस को पुलिस ने जबरन उठाया
अयोध्या। राम मंदिर निर्माण के लिए सात दिन से आमरण अनशन पर बैठे महंत परमहंस दास को रविवार देर रात पुलिस प्रशासन ने धमकाते हुए हिरासत में ले लिया। पुलिस आधी रात को जबरन महंत परमदास को उठा ले गई। बताया जा रहा है कि महंत की हालत लगातार खराब हो रही है। उनकी पल्स रेट काफी नीचे चली गई है इसी कारण से पुलिस उन्हें अनशन स्थल से हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल ले गई है। तबियत ज्यादा खराब होने की वजह से उन्हें पोस्ट ऑफ आईसीयू में रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी उन्हें देखने के लिए पीजीआई आ सकते हैं। महंत को उठाने की जानकारी मिलते ही संतों में आक्रोश फैल गया। विश्व हिंदू परिषद के पूर्व नेता प्रवीण तोगड़िया भी अयोध्या पहुंच गए हैं।

महंत परमहंस को मनाने के लिए जिले के प्रभारी मंत्री एवं औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना रविवार रात में पहुंचे थे। उसके बाद भी महंत परमहंस ने अनशन नहीं तोड़ा। वार्ता के बाद महंत परमहंस ने बताया कि महाना ने सोमवार दोपहर 12 बजे सीएम योगी आदित्यनाथ से वीडियो कॉल के जरिए बात कराने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद यदि सहमति बनती है तभी अनशन टूटेगा। तभी रात करीब 11:15 बजे एक एंबुलेंस समेत पुलिस की पांच गाड़ियां पहुंचीं और महंत को अनशन स्थल से उठा लिया।

बता दें कि इससे पहले महंत परमहंस ने कहा था कि 'मैं हिंसक प्रदर्शन नहीं कर रहा हूं। शांतिपूर्ण ढंग से हमारा अनशन चल रहा है। वजन गिरने के कारण अब मेरा दम घुटने लगा है और प्राण निकलने की स्थिति आ रही है। वहीं प्रशासन द्वारा मुझे अनशन खत्म करने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार किसी भी तरह राम मंदिर में पहल नहीं करना चाह रही है। वह केवल राम मंदिर के नाम पर 2019 का चुनाव फिर लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
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