Mahakumbh 2025: भगदड़ के बाद अब महाकुंभ जाना नहीं आसान! कहीं बॉर्डर सील तो कहीं रूट बदले? जानें अब क्या करें?
Mahakumbh 2025 Stampede: महाकुंभ 2025 के दौरान मौनी अमावस्या स्नान (28 जनवरी-29 जनवरी के दरम्यान रात) के वक्त प्रयागराज में भारी भीड़ के चलते भगदड़ मच गई। इसमें 30 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद प्रशासन ने यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। प्रयागराज के मुख्य प्रवेश मार्गों पर सख्ती बढ़ा दी गई है, जिससे हजारों श्रद्धालु रास्तों में ही फंसे हुए हैं।
अब पूरे मेला क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है, जिससे किसी भी प्रकार के वाहन को अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य कुंभ क्षेत्र में भीड़ को नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने में सहयोग करें। आइए जानें प्रयागराज जाने से पहले ये जान लें, अब क्या करें?

प्रयागराज जाने वाले रूटों पर क्या बदलाव हुए?
भगदड़ के बाद प्रशासन ने 7 आपातकालीन योजनाएं लागू कीं और प्रयागराज जाने वाले कई बॉर्डर सील कर दिए। इन बदलावों के कारण कई प्रमुख रूटों पर श्रद्धालु फंसे हुए हैं।
सील किए गए प्रमुख बॉर्डर और प्रभावित क्षेत्र...
| क्रमांक | बॉर्डर / रूट | बंद/ प्रभावित |
|---|---|---|
| 1 | प्रयागराज-भदोही-वाराणसी बॉर्डर | 20 किमी लंबा जाम, 40,000 वाहन रोके गए |
| 2 | प्रयागराज-चित्रकूट बॉर्डर | 10 किमी लंबा जाम, श्रद्धालु 20 घंटे से फंसे |
| 3 | प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर | 50,000 गाड़ियां रोकी गईं, श्रद्धालु पैदल जा रहे |
| 4 | प्रयागराज-प्रतापगढ़ बॉर्डर | 40,000 वाहन रोके गए, ड्रोन से निगरानी |
| 5 | प्रयागराज-जौनपुर बॉर्डर | बसों को बदला गया, श्रद्धालु 14 घंटे परेशान |
| 6 | रीवा-प्रयागराज बॉर्डर | 50,000 वाहन रोके गए, 25 किमी लंबा जाम |
| 7 | वाराणसी-प्रयागराज रूट | 20 किमी लंबा जाम, 200 बसें फंसी |
| 8 | गोंडा-अयोध्या बॉर्डर | नियमित निगरानी/ रूट डायवर्जन |
श्रद्धालुओं की परेशानी: भूखे-प्यासे रास्तों में फंसे
भगदड़ के बाद प्रशासन ने अचानक सख्ती कर दी, जिससे हजारों श्रद्धालु रास्तों में फंस गए।
- आत्माराम पाटिल (महाराष्ट्र) - 'चित्रकूट में फंसा हूं, प्रशासन कह रहा है वापस जाओ, लेकिन हम बिना स्नान किए वापस नहीं जाएंगे।'
- लकी ठाकुर (चंडीगढ़) - '18 किमी पैदल चल चुका हूं, बुजुर्ग और महिलाएं बहुत परेशान हैं।'
- शत्रुघ्न कुमार (दिल्ली) - 'मम्मी को स्नान कराना था, लेकिन साधन नहीं है, हम जैसे-तैसे घाट तक पहुंचे।'
- गीता (फरीदाबाद) - 'सुविधा नाम की कोई चीज नहीं है, हमें रोक दिया लेकिन खाने और टॉयलेट तक नहीं हैं।'
- रवि (राजस्थान) - 'पूरी रात सफर कर आया हूं, अब रोक रहे हैं, ये सही नहीं है।'
प्रशासन के बड़े फैसले
- वाहनों को सीमाओं पर रोक दिया गया - लाखों श्रद्धालु बसों, ट्रेनों और कारों में फंसे हैं।
- रेलवे और बस संचालन प्रभावित - कई ट्रेनें और बसें डायवर्ट की गईं।
- पैदल जाने वालों को भी रोका जा रहा है - कई लोग मजबूरी में 10-15 किमी पैदल चल रहे हैं।
- होर्डिंग एरिया बनाए गए - श्रद्धालुओं को संगम तक धीरे-धीरे भेजा जा रहा है।
- भोजन और चिकित्सा सुविधाएं सीमित - श्रद्धालु खुले में रात बिताने को मजबूर हैं।
अब क्या करें? प्रयागराज जाने से पहले ये जान लें
- अपने रूट की जानकारी लें - प्रयागराज की ओर जाने वाले सभी मुख्य मार्ग बाधित हैं।
- शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं है - बिना प्रशासन की अनुमति प्रवेश संभव नहीं।
- हो सके तो यात्रा स्थगित करें - जब तक प्रशासन स्थिति सामान्य नहीं करता, तब तक रुकें।
- खाना और पानी का ध्यान रखें - कई जगह आपातकालीन सुविधाएं नहीं हैं, इसलिए तैयारी करके चलें।
- स्थानीय अधिकारियों से अपडेट लें - आपकी गाड़ी कब आगे जाएगी, यह पुलिस या प्रशासन से कंफर्म करें।
महाकुंभ में भगदड़ के बाद प्रशासन ने यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाए हैं, जिससे हजारों श्रद्धालु रास्तों में ही फंस गए हैं। अगर आप प्रयागराज जाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले अपने रूट की जानकारी जरूर लें।

भगदड़ के बाद 5 प्रमुख बदलाव
- मेला क्षेत्र पूरी तरह नो-व्हीकल जोन - सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध।
- VVIP पास हुए रद्द - किसी भी विशेष पास के जरिए वाहन को प्रवेश नहीं मिलेगा।
- रास्ते किए गए वन-वे - श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए एक तरफा मार्ग व्यवस्था लागू।
- वाहनों की एंट्री पर रोक - प्रयागराज से सटे जिलों से आने वाले वाहनों को जिले की सीमा पर रोका जा रहा है।
- 4 फरवरी तक सख्त प्रतिबंध - शहर में चार पहिया वाहनों की एंट्री पर पूरी तरह से रोक रहेगी।

कौन-कौन सी ट्रेंनें कैंसिल?
| क्रमांक | ट्रेन संख्या | प्रस्थान स्टेशन | गंतव्य स्टेशन | रद्द होने की तारीख |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 20176 | आगरा कैंट | बनारस | 30.01.25 |
| 2 | 20175 | बनारस | आगरा कैंट | 30.01.25 |
| 3 | 22415 | वाराणसी | नई दिल्ली | 30.01.25 |
| 4 | 22416 | नई दिल्ली | वाराणसी | 30.01.25 |
| 5 | 4118 | अयोध्या कैंट | प्रयागराज | 30.01.25 |
| 6 | 64170 | इटावा | फफूंद | 30.01.25 |
| 7 | 64590 | फफूंद | कानपुर सेंट्रल | 30.01.25 |
| 8 | 64171 | कानपुर सेंट्रल | ब्रह्मावर्त | 30.01.25 |
| 9 | 64172 | ब्रह्मावर्त | कानपुर सेंट्रल | 30.01.25 |
| 10 | 64173 | कानपुर सेंट्रल | ब्रह्मावर्त | 30.01.25 |
| 11 | 64174 | ब्रह्मावर्त | कानपुर सेंट्रल | 30.01.25 |
| 12 | 64214 | कानपुर सेंट्रल | लखनऊ | 30.01.25 |
| 13 | 64204 | कानपुर सेंट्रल | लखनऊ | 30.01.25 |
| 14 | 64583 | टूंडला | दिल्ली | 30.01.25 |
| 15 | 22465 | मधुपुर | आनंद विहार | 30.01.25 |
| 16 | 12368 | नई दिल्ली | भागलपुर | 30.01.25 |
| 17 | 12282 | नई दिल्ली | भुवनेश्वर | 30.01.25 |
| 18 | 12314 | नई दिल्ली | सियालदह | 30.01.25 |
| 19 | 12398 | नई दिल्ली | गया | 30.01.25 (पुनर्निर्धारित समय - 6:00 AM) |
क्या करें अगर आपकी ट्रेन कैंसिल हो गई है?
- IRCTC वेबसाइट या ऐप चेक करें - अपनी ट्रेन की स्थिति की पुष्टि करें।
- स्टेशन पर जाएं या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें - रेलवे के हेल्पलाइन से अपडेट लें।
- अल्टरनेट यात्रा विकल्प देखें - बस, टैक्सी या अन्य ट्रेनों की उपलब्धता चेक करें।
- रिफंड प्रक्रिया शुरू करें - ई-टिकट वालों को IRCTC के माध्यम से ऑटोमेटिक रिफंड मिलेगा।












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