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Mahakumbh 2025: 'पानी में बैक्टीरिया की खबरें झूठी, संगम में डुबकी है सुरक्षित', CM योगी आदित्यनाथ

Mahakumbh 2025: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार(19 फरवरी) को महाकुंभ 2025 में संगम के पानी की गुणवत्ता पर उठाए गए सवालों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ को बदनाम करने के लिए झूठा प्रचार किया जा रहा है। आगे सीएम योगी ने कहा कि संगम का पानी पूरी तरह से शुद्ध है। त्रिवेणी संगम का पानी पूरी तरह से स्नान और आचमन के लिए उपयुक्त है।

सीएम ने आगे यह भी कहा कि सभी नालों और सीवर पाइप को टेप कर दिया गया है, ताकि गंदगी पानी में न मिले। UP प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) लगातार निगरानी कर रहा है। BOD (बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड) 3 से कम और घुलित ऑक्सीजन (DO) 8-9 mg/L के बीच बनी हुई है। फेकल कोलीफॉर्म मानक स्तर (2500 MPN/100ml से कम) के अनुसार है। सीएम योगी ने साफ कहा कि पानी में किसी भी तरह का गंभीर प्रदूषण नहीं है और संगम में डुबकी पूरी तरह सुरक्षित है।

Mahakumbh 2025

CM योगी का विरोधियों पर हमला - "यह सनातन धर्म को बदनाम करने की साजिश!"

CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुंभ किसी सरकार या पार्टी का आयोजन नहीं, बल्कि यह समाज का आयोजन है। अब तक 56 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं। गंगा और संगम के खिलाफ झूठी खबरें फैलाना 56 करोड़ लोगों की आस्था से खिलवाड़ है। फर्जी वीडियो और भ्रामक प्रचार करके सनातन धर्म और महाकुंभ को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। CM योगी ने स्पष्ट किया कि महाकुंभ का आयोजन पूरी तरह सफल है और सरकार हर तरह की निगरानी कर रही है।

29 जनवरी को भगदड़ और हादसों पर CM योगी का बयान

CM योगी ने महाकुंभ में हुई घटनाओं पर शोक जताया। कहा कि 29 जनवरी को हुई भगदड़ और अन्य दुर्घटनाओं में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। आगे यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं का राजनीतिकरण करना उचित नहीं है। सरकार पीड़ितों के परिवारों के साथ खड़ी है और उनकी हरसंभव मदद की जाएगी।

महाकुंभ 2025 - "वैश्विक स्तर पर ऐतिहासिक आयोजन!"

CM योगी ने कहा कि महाकुंभ ने वैश्विक स्तर पर भागीदारी हासिल की है। 56 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं। महाकुंभ के अंतिम सप्ताह में सरकार पूरी सतर्कता के साथ व्यवस्थाएं संभाल रही है। CM योगी ने दोहराया कि इस आयोजन को बदनाम करने की कोई भी साजिश सफल नहीं होगी और श्रद्धालु निश्चिंत होकर स्नान कर सकते हैं।

महाकुंभ 2025: अब तक कितने श्रद्धालु पहुंचे?

अब तक प्रमुख स्नान तिथियां:

  • मकर संक्रांति (14 जनवरी) - पहला मुख्य स्नान
  • मौनी अमावस्या (29 जनवरी) - सबसे बड़ा स्नान
  • बसंत पंचमी (3 फरवरी) - अमृत स्नान

महाशिवरात्रि स्नान को अमृत स्नान क्यों नहीं माना जाता?

  • ज्योतिष गणना के अनुसार, अमृत स्नान की स्थिति तब बनती है जब:
  • सूर्य ग्रह मकर राशि में हो।
  • गुरु ग्रह वृषभ राशि में हो।

महाशिवरात्रि (26 फरवरी) के दिन सूर्य कुंभ राशि में रहेंगे, इसलिए इसे अमृत स्नान नहीं माना जाएगा।

महाशिवरात्रि स्नान का धार्मिक महत्व

हालांकि, महाशिवरात्रि पर स्नान को अमृत स्नान का दर्जा नहीं मिला, लेकिन इसका धार्मिक महत्व बहुत अधिक है।

इस दिन बन रहे दुर्लभ योग:

  • शिव योग - शिव पूजा के लिए सबसे शुभ योग
  • सर्वार्थ सिद्धि योग - सभी इच्छाओं की पूर्ति करने वाला योग
  • रवि योग - विशेष स्नान और पूजा का शुभ समय
  • मान्यता है कि इन योगों में संगम स्नान से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

महाकुंभ 2025 का समापन

महाशिवरात्रि (26 फरवरी) के स्नान के साथ ही महाकुंभ 2025 का आधिकारिक समापन होगा।

महाकुंभ 2025 की खास बातें:

  • अब तक 50 करोड़+ श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया।
  • देश-विदेश से संत-महात्मा और श्रद्धालु शामिल हुए।
  • संगम में जल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रशासन सफाई अभियान चला रहा है।
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