Maha Kumbh 2025: प्रयागराज में धर्म संसद में बोलीं हेमा मालिनी, कहा-'सनातन हमारी साझी विरासत, इसे बचाना जरूरी'
Maha Kumbh 2025: महाकुंभ 2025 के दौरान आयोजित सनातन धर्म संसद में भारतीय जनता पार्टी की सांसद और प्रख्यात अभिनेत्री हेमा मालिनी ने सनातन धर्म और उसकी साझी विरासत की रक्षा पर जोर दिया। इस संसद का नेतृत्व प्रसिद्ध संत देवकीनंदन ठाकुर ने किया। जिसमें देशभर से संत, महात्मा और श्रद्धालु एकत्रित हुए।
सनातन धर्म सभी का स्वागत करता है
अपने संबोधन में हेमा मालिनी ने कहा कि आजकल कुछ अज्ञानी लोग हमारे सनातन धर्म के बारे में गलत बातें बोलते हैं। वे सनातनियों के खिलाफ अपशब्द कहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि सनातन धर्म दुनिया का एकमात्र ऐसा धर्म है जो सभी धर्मों का स्वागत करता है और किसी भी धर्म का विरोध नहीं करता। चाहे वह मुस्लिम हो या ईसाई।

बांग्लादेश जैसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए
हेमा मालिनी ने हाल ही में बांग्लादेश में घटी घटनाओं पर अफसोस जताया और कहा कि बांग्लादेश में जो हुआ। वह नहीं होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म संसद में उपस्थित संत और महात्मा इस प्रकार की घटनाओं को समाप्त करने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
मंदिरों पर हो रहे अत्याचार चिंता का विषय
हेमा मालिनी ने भारत में मंदिरों पर हो रहे अत्याचारों और गौशालाओं में आ रही समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आज हमारी साझी विरासत खतरे में है। आप देख सकते हैं कि हमारे मंदिरों पर अत्याचार हो रहे हैं। गौशालाओं में समस्याएं पैदा की जा रही हैं। यह सब नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म और उसकी परंपराएं भारत की आत्मा हैं और उनकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
सनातन धर्म की रक्षा के लिए आह्वान
हेमा मालिनी ने उपस्थित संतों और श्रद्धालुओं से सनातन धर्म की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म हमारी हजारों साल पुरानी परंपरा और संस्कृति का प्रतीक है। इसे संरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
महाकुंभ 2025 के दौरान आयोजित इस धर्म संसद में हेमा मालिनी का यह बयान भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की अखंडता पर केंद्रित था। उनके इस संदेश ने श्रद्धालुओं और संतों को सनातन धर्म की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।












Click it and Unblock the Notifications