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Maha Kumbh 2025 कैसे बना कारोबारियों के लिए कुबेर का खजाना? 20% बढ़ी बिक्री से बाजार में रौनक

Maha Kumbh 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू होने वाला महाकुंभ 2025 न सिर्फ आध्यात्मिकता का केंद्र बन रहा है, बल्कि व्यापार और कारोबार के लिए एक सुनहरा मौका भी।

प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार के इस 'दिव्य और भव्य' महाकुंभ ने बाजार में नया जोश भर दिया है। महाकुंभ के लोगो और प्रतीक वाले उत्पादों की मांग में 20-25 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। आइए जानते हैं कैसे बिक्री में इजाफा?

Maha Kumbh 2025

महाकुंभ का असर: कारोबार में उछाल

महाकुंभ की ब्रांडिंग और प्रचार का असर न केवल स्थानीय व्यापारियों, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के व्यापारिक वर्ग पर दिख रहा है। कंफेडरेशन ऑफ ऑल ट्रेडर्स के यूपी अध्यक्ष महेंद्र गोयल का कहना है कि सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों का सीधा असर व्यापार पर पड़ता है। जैसे राम मंदिर निर्माण के दौरान राम से जुड़े उत्पादों की मांग बढ़ी थी, वैसे ही महाकुंभ की ब्रांडिंग ने बाज़ार में नई ऊर्जा भर दी है।"

महाकुंभ से जुड़े उत्पादों की बढ़ती मांग

महाकुंभ के लोगो और प्रतीक वाले उत्पादों ने खासतौर पर स्टेशनरी, जूट बैग्स, कैलेंडर, डायरी और उपहार की श्रेणी में धूम मचा दी है।

  • स्टेशनरी उत्पादों में उछाल: प्रयागराज के ज़ीरो रोड इलाके में स्टेशनरी दुकानदार अरविंद कुमार अग्रवाल ने महाकुंभ की थीम पर आधारित 14 प्रोडक्ट्स उतारे, जैसे डायरी, फाइल बॉक्स, पेन, पेन स्टैंड। उनका कहना है कि महाकुंभ के प्रतीकों ने उत्पादों की मांग को कई गुना बढ़ा दिया है।
  • जूट और कॉटन बैग्स की मांग: सिंगल-यूज प्लास्टिक के खिलाफ सरकार की पहल के चलते जूट और कॉटन के बैग्स की मांग में बड़ा इजाफा हुआ है। जीरो रोड के थोक विक्रेता गोपाल पांडे बताते हैं कि अब तक 25,000 से अधिक महाकुंभ लोगो वाले बैग्स के ऑर्डर आ चुके हैं।"

उपहारों के बाजार में महाकुंभ का जलवा

नए साल के मौके पर डायरी, कैलेंडर और की रिंग जैसे उपहारों में महाकुंभ के लोगो और प्रतीकों का जुड़ना इसे लोगों के बीच और भी लोकप्रिय बना रहा है। इन उत्पादों को प्रयागराज के बाहर भी अच्छी मांग मिल रही है।

महाकुंभ और कारोबार का भावनात्मक जुड़ाव

महाकुंभ सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं है; यह भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। यही कारण है कि लोग महाकुंभ के प्रतीक वाले उत्पादों को अपने जीवन का हिस्सा बना रहे हैं। व्यापारियों को उम्मीद है कि जैसे-जैसे आयोजन करीब आएगा, इसकी मांग और भी बढ़ेगी।

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