'मौज की नौकरी है पुलिसवालों की' ऐसा सोचने वालों को DGP ने दिया करारा जवाब
लखनऊ। लोगों का कहना है कि अगर आराम चाहिए तो यूपी पुलिस में भर्ती हो जाओ, कुछ काम नहीं करना पड़ेगा और बिना मेहनत के फ्री की कमाई भी होगी। ऐसा सोचने वालों के लिए डीजीपी ओपी सिंह ने एक बात बोल कर जोरदार तमाचा मारा है। उनका कहना है कि अगर कोई पुलिस में भर्ती होता है तो वो चाहे अफसर हो या फिर एक सिपाही उसको 24 घंटे काम करके तनाव झेलना पड़ता है।

24 घंटे करना पड़ता है काम
जी हां, अब सूबे के डीजीपी ओपी सिंह का भी यही कहना है कि प्रदेश के पुलिसकर्मी 24 घंटे काम करके तनाव में आ गए हैं। डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि यूपी पुलिस के सब इंस्पेक्टर से लेकर आईपीएस तक तनाव में हैं। ये बात तो किसी से छिपी नहीं है कि पुलिसकर्मियों को 24 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ती है, ताकि जनता सुरक्षित रहे। ऐसे में भी कुछ भी गलत होने पर, कोई भी बड़ी आसानी से पुलिस को टारगेट कर लेता है। पुलिसकर्मी ही एक तरफ तो ड्यूटी का तनाव झेलते हैं वहीं दूसरी तरफ अपने परिवार से दूर रहने ओर उन्हें समय न दे पाने की कसक भी उनके मन में रह जाती है।
कई अफसर कर चुके हैं सुसाइड
कुछ दिन पहले एटीएस के एएसपी राजेश साहनी ने खुद को गोली मार कर खुदखुशी की थी। अब इसके बाद कानपुर में तैनात आईपीएस सुरेन्द्र दास ने भी सल्फास खाकर खुद को मारने की कोशिश की। इसके अलावा भी ऐसे अफसरों की यूपी में भरमार है जिसने तनाव न झेल पाने की वजह से आत्महत्या कर ली।
शनिवार को अस्पताल पहुंचे डीजीपी
कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती एसपी पूर्वी सुरेंद्र दास की स्थिति जानने शनिवार को यहां पहुंचे डीजीपी करीब एक घंटे तक रुके। उन्होंने सुरेंद्र दास की मां इंदूदेवी और पत्नी डॉ. रवीना के पिता डॉ. रावेंद्र सिंह से बातचीत की। शनिवार को सुरेंद्र दास की हालत ज्यादा खराब हो गई थी। उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जिसके डॉक्टरों ने उनका ऑपरेशन किया। सुरेंद्र दास के पैर में खून का थक्का बन जम गया था जिसकी वजह से उनके पैरों में ब्लड की सप्लाई नहीं हो पा रही थी। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उनके पैर में जमा खून का थक्का निकाल दिया है।












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