loksabha Election 2024: ओपी राजभर के बाद अब दारा सिंह चौहान, पूर्वांचल में अखिलेश को झटके दे रही बीजेपी
बीजेपी सरकार में मंत्री रहे दारा सिंह चौहान ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के बाद दिल्ली जाकर उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं।
Dara Singh Chauhan: देश में अगले साल होने वाले चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) यूपी में सपा प्रमुख अखिलेश यादव को लगातार झटके दे रही है। बीजेपी एक-एक कर उन चेहरों को अपने पास लाने में कामयाब हो रही है जिनके बूते अखिलेश ने पूर्वांचल में बीजेपी को नाको चने चबाने के लिए मजबूर कर दिया था।
अखिलेश का साथ छोड़ रहे पुराने साथी
पूर्वांचल में अखिलेश के बड़े साथी और सहयोगी रहे ओम प्रकाश राजभर पहले ही अखिलेश का साथ छोड़ चुके हैं। महान दल के केशव देव मौर्य ने भी उनसे नाता तोड़ लिया है। हालांकि इधर अखिलेश यादव पटना और मुंबई में गैर बीजेपी गठबंधन बनाने की कवायद में जुटे हुए हैं।

बड़ी डील की तैयारी में हैं राजभर
राजभर का बीजेपी के साथ डील अंतिम दौर है ऐसे में दारा सिंह चौहान का साथ छोड़ना अखिलेश के लिए जले पर नमक छिड़कने से कम नहीं है। हालांकि आने वाले समय में बीजेपी अभी अखिलेश के खेमे में और सेंध लगाने की कवायद में जुटी है।
पूर्वांचल में अखिलेश को पहुंचाएंगे नुकसान
दारा सिंह चौहान पूर्वांचल में पिछ़डे नेताओं में एक बड़ा नाम है। वह बसपा से राज्यसभा सांसद रहने के साथ ही बीजेपी की सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। मऊ समेत आसपास के कई जिलों में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। वह बीजेपी के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं। खासतौर पर ऐसे समय में जब घोषी में बीजेपी के पास लोकसभा का चुनाव लड़ने वाला कोई कद्दावर उम्मीदवार ही नहीं है।
दारा के बीजेपी में आने से बदलेगा स्थानीय समीकरण
दारा सिंह चौहान के दोबारा बीजेपी में शामिल होने के बाद मऊ और घोषी की राजनीति में भी स्थानीय स्तर पर काफी परिवर्तन देखने को मिलेगा। जो नेता घोषी से लोकसभा टिकट की दावेदारी में लगे थे अब उनको निराशा ही मिलेगी। हालांकि बीजेपी के नेताओं का दावा है कि दारा बीजेपी में जरूर आएंगे लेकिन उन्हें लोकसभा टिकट कहां से दिया जाएगा ये अभी तय नहीं है।
दारा को मिल सकता है बीजेपी में आने का इनाम
अटकलें ये भी हैं कि दारा सिंह चौहान को बीजेपी मंत्री भी बना सकती है। मंत्री बनाने के बाद उन्हें राज्यसभा का सदस्य बनाया जा सकता है। ऐसे में बीजेपी के लिए वह दोहरा लाभ दे सकते हैं। मंत्री बनने के बाद वह लाव लश्कर के साथ मोदी सरकार का प्रचार प्रसार करेंगे और बीजेपी इसका लाभ उठाएगी।
विधानसभा चुनाव के बाद बदल रहा पूर्वांचल का समीकरण
दारा सिंह चौहान से पहले पूर्वांचल के बड़े नेता ओम प्रकाश राजभर ने भी अखिलेश का साथ छोड़ दिया था। राजभर ने विधानसभा चुनाव के बाद ही अखिलेश पर एसी कमरों में बैठकर राजनीति करने का आरोप लगाकर अलग हो गए थे। सूत्र बता रहे हैं कि वह भी बीजेपी के साथ बड़ी डील तैयारी करने में जुटे हुए हैं। उनकी नजर गाजीपुर लोकसभा सीट पर टिकी हुई है।












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