Lok Sabha Chunav: बसपा के 16 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में 7 मुसलमान, सहारनपुर से संभल तक क्या हैं मायने?
BSP Candidates List UP 2024: उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी ने भी अपने 16 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। सपा, भाजपा और कांग्रेस के बाद जारी इस लिस्ट में पार्टी ने 7 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया है। मुस्लिम प्रत्याशियों पर मेहरबानी से संबंधित सीटों पर मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना बढ़ गई है।
बहुजन समाज पार्टी ने पहली लिस्ट में जिन सात सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया है, वे सीटें हैं- सहारनपुर, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, अमरोहा, आंवला और पीलीभीत। इन सीटों में से दो सीटों पर 2019 में बसपा को जीत भी मिली थी।

सहारनपुर में इमरान मसूद के सामने माजिद अली
बसपा की लिस्ट में पहला ही नाम चौंकाने वाला है। पार्टी ने सहारनपुर लोकसभा सीट से माजिद अली को टिकट दिया है, जो फिर से कांग्रेस के टिकट पर दांव आजमा रहे पार्टी के दिग्गज इमरान मसूद के सामने होंगे। पिछली बार बसपा के हाजी फजलुर रहमान यहां से जीते थे और इमरान मसूद तीसरे नंबर पर रहे थे।
लेकिन, अबकी बार समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में गठबंधन की वजह मसूद की दावेदारी मजबूत मानी जा रही थी। लेकिन, बसपा के मुस्लिम प्रत्याशी की वजह से मुकाबला त्रिकोणीय और दिलचस्प हो सकता है।
मुरादाबाद में मुश्किल हो सकती है सपा की लड़ाई
मुरादाबाद से सपा ने इस बार भी अपने मौजूदा सांसद डॉ.एसटी हसन को ही टिकट दिया है। लेकिन, वहां से मायावती की पार्टी ने मोहम्मद इरफान सैफी को उतारकर समाजवादी पार्टी के लिए पहले से ही मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।
पिछली बार यहां बीजेपी, सपा-बसपा के संयुक्त प्रत्याशी से सात फीसदी से भी कम वोटों से पिछड़ी थी। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी इमरान प्रतापगढ़ी को 5 फीसदी से भी कम वोट मिले थे। ऐसे में बसपा ने सैफी पर दांव लगाकर एक तरह से साइकिल पर ब्रेक लगाने का इंतजाम किया है।
रामपुर भी नहीं रह गया सपा का गढ़!
बीएसपी ने इस बार रामपुर से भी मुस्लिम प्रत्याशी जीशान खान पर दांव लगाया है। चर्चा है कि सपा नेता आजम खान ने इस बार इस सीट से समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव को खुद उतरने की सलाह दी है। लेकिन, बीएसपी के मुस्लिम प्रत्याशी के रहते सपा के लिए यह सीट अब आसान नहीं रह गई है।
संभल में भी बढ़ी सपा की मुश्किल
संभल सीट पर सपा ने पहले अपने बुजुर्ग मौजूदा सांसद ड़ॉ शफीकुर्रहमान बर्क को ही टिकट दिया था। लेकिन, उनके निधन के बाद उनके पोते और मुरादाबाद की कुंदरकी के एमएलए जियाउर्रहमान बर्क पर दांव लगाया है।
लेकिन, मायावती ने इस सीट पर शौलत अली को टिकट देकर यहां इस बार त्रिकोणीय मुकाबले की नींव रख दी है। ड़ॉ शफीकुर्रहमान बर्क पिछली बार सपा-बसपा के संयुक्त उम्मीदवार थे और उन्हें 55.58% वोट मिले थे। कांग्रेस को तब मात्र करीब 1% वोट मिले थे। ऐसे में दूसरे मजबूत मुस्लिम प्रत्याशी के उतरने के बाद सपा की चुनौती बढ़ गई है।
दानिश अली के लिए इस बार अमरोहा की राह नहीं आसान
इसी तरह से बीएसपी ने अमरोहा में इस बार मुजाहिद हुसैन को टिकट दिया है। 2019 में इस सीट पर बसपा प्रत्याशी के रूप में कुंवर दानिश अली जीते थे। लेकिन, इस बार वे इस सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। पिछली बाद दानिश अली सपा-बसपा के संयुक्त प्रत्याशी के तौर पर करीब 5% वोटों से जीते थे। लेकिन, अबकी बार मुजाहिद हुसैन की उम्मीदवारी से यहां का समीकरण बदलने की संभावना बढ़ गई है।
आंवला में चुनाव से पहले ही दिया सपा को झटका
आंवला लोकसभा सीट अभी बीजेपी के पास है। पिछली बार बसपा उम्मीदवार रुचि वीरा यहां पर करीब 11% वोटों से पिछड़ गई थीं। बीएसपी ने यहां से सैयद आबिद अली को टिकट दे दिया है, जो पिछले ही हफ्ते सपा छोड़कर बीएसपी में आ गए थे। वे सपा के टिकट पर आंवला नगर पालिका के चेयरमैन थे। समाजवादी पार्टी ने यहां से नीरज मौर्य को टिकट दिया है, जिनपर बाहरी होने का आरोप लगाकर ही अली ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ी है।
पीलीभीत में पीडीए कार्ड का क्या होगा?
पीलीभीत सीट पर बहुजन समाज पार्टी ने अनीस अहमद खां उर्फ फूलबाबू को उतारा है। इस सीट पर पिछली बार बीजेपी के वरुण गांधी को करीब 60% वोट मिले थे। जबकि, सपा उम्मीदवार करीब 38% वोट ही जुटा पाया था।
सपा ने यहां पर भगवत शरण गंगवार को टिकट दे रखा है। लेकिन, बसपा ने मुस्लिम कार्ड चलकर उसके लिए अजीब स्थिति पैदा कर दी है। क्योंकि, इससे उसके पीडीए समीकरण बिगड़ने की स्थिति पैदा हो सकती है।












Click it and Unblock the Notifications