लोकसभा उपचुनाव: फूलपुर और गोरखपुर में सियासी गणित शुरू, 22 मार्च के पहले होंगे चुनाव
26 दिसंबर से 31 जनवरी तक मतदाता सूची का पुनरीक्षण अभियान शुरू होगा। 22 मार्च के पहले चुनाव करा लिए जाएंगे।
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश की दो लोकसभा सीटें खाली हैं और उन पर उपचुनाव होना है। देश को पहला प्रधानमंत्री देने वाली ऐतिहासिक फूलपुर लोकसभा और मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लोकसभा क्षेत्र वाली सीट गोरखपुर दोनों पर उपचुनाव होना है। इसके लिए सियासी गणित शुरू हो गई है। प्रशासनिक अमले ने भी अपनी चुनावी गतिविधियों को तेज कर दिया है। 26 दिसंबर से 31 जनवरी तक मतदाता सूची का पुनरीक्षण अभियान शुरू होगा। जबकि 8 फरवरी तक सभी तरह से त्रुटियों को दूर कर मतदाता सूची की खामियों का निस्तारण हो जाएगा। 21 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाना सुनिश्चित किया गया है।

कांटे की होगी टक्कर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर में और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के संसदीय क्षेत्र फूलपुर में किसी भी राजनीतिक दल की जीत फिलहाल आसान नहीं लग रही है। मौजूदा समय में दोनों स्थानों पर भाजपा चेहरों की तलाश कर रही है। हालांकि अभी तक चुनाव प्रचार प्रसार करने वाले कुछ नेताओं ने अपने पोस्टर बैनर से इलाके में खुद को दावेदार के रूप में प्रस्तुत करना शुरू कर दिया है।
अगर फूलपुर लोकसभा की बात करें तो इलाहाबाद उत्तरी सिरे से लेकर ग्रामीण अंचल को पूरी तरह से खुद में समेट ये लोकसभा क्षेत्र पहली बार भगवामय हुआ था। केशव प्रसाद मौर्य ने पहली बार भाजपा का कमल खिलाया था और ऐतिहासिक जीत हासिल की थी, लेकिन अब इस जीत को बनाए रखना बहुत मुश्किल होगा। फिलहाल चुनाव आयोग की ओर से जारी सूचना के मुताबिक गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा के रिक्त सीटों पर 22 मार्च से पहले उपचुनाव संपन्न हो जाएगा।












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