VIDEO: मुंह खोलने की रिश्वत लेता लेखपाल, नहीं देखी होगी पहले ऐसी घूसखोरी!
लोगों को शासन द्वारा दी गई कर्ज माफी की जानकारी पाने के लिए 200 रुपए प्रति व्यक्ति देना पड़ रहा है। भुगतान के बाद ही आपको जानकारी मिलेगी कि आपका कर्ज माफी की लिस्ट में नाम है या नहीं।
लखीमपुर खीरी। शासन द्वारा भले ही लोगों को थोड़ी राहत मिल जाए लेकिन जिले और तहसीलों में विराजमान कुछ घूसखोर अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा तो उन्हें बिल्कुल राहत नहीं मिल सकती। वैसे तो प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा भ्रष्टाचार मुक्त समाज बनाए जाने की बात कही जा रही है। लेकिन जब तक ऐसे घूसखोर लोग अपनी सीटों पर विराजमान रहेंगे। तब-तक डिजिटल इंडिया बनना तो दूर, ये सोचना भी बेकार है। मुख्यमंत्री के अधिकारी और कर्मचारी ही डिजिटल इंडिया की हवा निकाते काफी नजर आ रहे हैं और तहसीलों पर आने वाले लोगों से खुलेआम रिश्वत ली जा रही है।

लेखपाल ने रेट फिक्स कर दिया
ऐसा ही एक ताजा मामला सामने आया है। बता दें कि निघासन तहसील में तो शासन द्वारा कर्ज में मिली छूट की जानकारी बताने के नाम पर भी लेखपाल द्वारा रेट फिक्स कर दिया गया है। अगर आप को लाभ की जानकारी लेनी है तो लेखपाल द्वारा तय भुगतान करो और लाभ पाओ। मामला ग्राम त्रिकोलिया का है। यहां के लेखपाल मोहम्मद हसीब द्वारा एक फरमान जारी किया गया। जिसमें लोगों को शासन द्वारा दी गई कर्ज माफी की जानकारी पाने के लिए 200 रुपए प्रति व्यक्ति देना पड़ रहा है। भुगतान के बाद ही आपको जानकारी मिलेगी कि आपका कर्ज माफी की लिस्ट में नाम है या नहीं।
पैसे ना देने पर नहीं मिलती जानकारी
अगर किसी ने पैसे देने से मना किया तो उसे कर्ज संबंधित कोई जानकारी नहीं दी जाएगी। मंगलवार को जब मोहम्मद हनीफ गांव में लोगों को 200 रुपए रिश्वत लेकर जानकारी दे रहे थे। तभी किसी ने चुपके से लेखपाल का वीडियो बना लिया और वीडियो को वायरल कर दिया। इसके बाद लेखपाल द्वारा वीडियो फर्जी होने का दावा किया जाने लगा। वहीं इस मामले में एडीएम उमेश नारायण पांडे ने बताया कि मामले की जानकारी हुई है। एसडीएम को जांच के निर्देश दे दिए गए। इसके बाद लेखपाल मोहम्मद हसीब को सस्पेंड कर दिया गया है।












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