लेडी विद गन: जिसके नाम से कांपते हैं मनचले, लड़कियां मानती हैं इन्हें रॉबिनहुड

शाहजहाँपुर। महिलाओं और लड़कियों के साथ छेड़छाड़ के खिलाफ भले ही कोई आवाज उठाने वाला ना हो लेकिन आज हम आपको यूपी की एक ऐसी महिला से रूबरू कराएंगे जिसने अपने इलाके की लड़कियों के खातिर हथियार उठा लिए हैं। लेडी विद गन नाम से जाना जाने वाली महिला छेड़छाड़ का जवाब अपनी बन्दूक से देती है। यही वजह है कि इलाके के शोहदे बन्दूक वाली इस दबंग महिला के नाम से कांप उठते हैं। वहीं लड़कियों के लिए ये महिला किसी आदर्श से कम नहीं हैं।

शहाना बेगम के नाम की है दहशत

शहाना बेगम के नाम की है दहशत

अपनी बन्दूक की नली को साफ कर रही इस महिला का नाम शहाना बेगम है। ये एक ऐसा नाम है जिसे सुनकर लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने वाले मनचलों की हालत बिगड़ जाती है। शहाना ने ये हथियार सिर्फ महिलाओं और लड़कियों की हिफाजत के लिए उठाया है। आलम ये है कि उसके गांव और आस पास के इलाकों में छेड़छाड़ की घटनाएं शायद ही कभी होती होगी। अगर शहाना को शिकायत मिल जाये तो वो अपनी बन्दूक की दम पर उसे सबक सिखाने का माद्दा रखती है।

कई बार सिखा चुकी हैं मनचलों को सबक

कई बार सिखा चुकी हैं मनचलों को सबक

कई बार ऐसे मोके आए जब मनचलों और शोहदों को शबाना ने सबक सिखाया है। उनका कहना है कि काननू तो अपना काम करेंगा ही लेकिन छेड़छाड़ करने वालों को सबसे पहले वो खुद सबक सिखाती हैं। यहीं बजह है कि शहाना को इलाके के लोग लेडी विद गन के नाम से पहचानते हैं। शहाना का कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो महिलाओं और लड़कियों की हिफाजत के लिए उनकी बन्दूक से गोली भी निकल सकती है।

महिलाओं के सभी मामले सुलझाती हैं

महिलाओं के सभी मामले सुलझाती हैं

शहाना का कहना है कि इलाके की महिलाओं को किसी भी किस्म की कोई दिक्कत होती है तो मेरे सामने अपनी बात रखती है। शादी शुदा महिलाओं को अगर उनके पति परेशान करते है तो वो ऐसे मामलों को भी बखूबी निपटाती है। वो अपने गांव के आस पास के भी गांवों में पैदन निकल कर महिलाओं और लड़कियों से उनकी परेशानी पूछती हैं। यही वजह है कि महिलाओं के लिए वो किसी ग्रेट लेडी का दर्जा रखती हैं। गांव महानन्दपुर की रहने वाली लेडी विद गन नाम की महिला को लोग सिर्फ इस इलाके में ही लोग नही जानते बल्कि शहर में भी इनका खूब नाम है। स्कूल में पढ़ने वाली लड़कियों के लिए ये किसी रॉबिनहुड से कम नही है। लड़कियों का कहना है कि शहाना जैसी दबंग महिलाए अगर देश में होता तो मनचलों के होश ठिकाने लग जाएंगे।

ना राजनीति की चाह है और ना ही वाहवाही की

ना राजनीति की चाह है और ना ही वाहवाही की

शहाना की बन्दूक ही अब उनकी पहचान बन चुकी है। शहाना को ना राजनीति की चाह है और ना ही वाहवाही की। उनकी जिन्दगी का सिर्फ एक ही मकसद है और वो है लड़कियों और महिलाओं की हिफाजत। यही वजह है कि उनके इलाके में लड़कियां बेखौफ होकर स्कूल आ और जा सकती हैं। वहीं मनचले भी लेडी विद गन के नाम से कांपते हैं। अगर शहाना जैसी महिलाएं समाज में आग निकलकर सामने आ जाएं तो शायद महिला अपराधों को कम किया जा सकता है।

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